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शुरुआती वर्षों में तेजी से बढ़ता वजन शिशुओं में बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा, अध्ययन में सामने आई अहम बात

by newzgossip
3 years ago
in LIFE STYLE
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शुरुआती वर्षों में तेजी से बढ़ता वजन शिशुओं में बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा, अध्ययन में सामने आई अहम बात
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बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष उसके शारीरिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान वजन और लंबाई में तेजी से बदलाव होता है। एक अध्ययन में संकेत मिला है कि जीवन के शुरुआती तीन वर्षों में तेजी से वजन बढ़ना आगे चलकर बच्चों में श्वसन संक्रमण और बचपन के अस्थमा के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हो सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, शुरुआती बचपन में शरीर के विकास के साथ फेफड़ों का विकास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वजन बढ़ने की गति और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) में होने वाले बदलावों का संबंध बाद में फेफड़ों की कार्यक्षमता और अस्थमा के जोखिम से देखा गया।

तेजी से वजन बढ़ने पर क्या मिला?

अध्ययन में उन बच्चों के विकास पर ध्यान दिया गया, जिनका वजन जीवन के शुरुआती वर्षों में अपेक्षाकृत तेजी से बढ़ा। शोध के निष्कर्षों में ऐसे बच्चों में बाद की उम्र में श्वसन संक्रमण और अस्थमा के जोखिम के बीच संबंध पाया गया।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि वजन बढ़ना सीधे तौर पर अस्थमा का कारण बनता है। बच्चों में वजन और लंबाई का बढ़ना स्वाभाविक विकास का हिस्सा है। अस्थमा का जोखिम कई अन्य कारकों से भी प्रभावित हो सकता है।

BMI के शिखर का भी संबंध

अध्ययन में बच्चों के बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI के विकास पर भी नजर रखी गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन बच्चों में BMI का शिखर अपेक्षाकृत बाद में आया, उनमें फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होने और अस्थमा का जोखिम कम होने का संबंध देखा गया।

BMI बच्चों में उम्र और लिंग के अनुसार अलग तरीके से देखा जाता है। इसलिए किसी शिशु या छोटे बच्चे के वजन को केवल वयस्कों वाले BMI मानकों से आंकना उचित नहीं है।

फेफड़ों के विकास पर भी ध्यान जरूरी

बचपन के शुरुआती वर्षों में फेफड़ों का विकास लगातार होता है। इस दौरान संक्रमण, पोषण, वातावरण और शरीर के विकास जैसे कई कारक फेफड़ों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।

अध्ययन में करीब 4,435 बच्चों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने बच्चों के जन्म से लेकर शुरुआती तीन वर्षों तक उनके वजन और लंबाई में होने वाले बदलावों पर नजर रखी और बाद में उनके स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का अध्ययन किया।

माता-पिता क्या ध्यान रखें?

शिशुओं में वजन बढ़ना सामान्य विकास का हिस्सा है, इसलिए केवल वजन बढ़ने की गति देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चे की ग्रोथ को उसकी उम्र, लंबाई और अन्य विकास संबंधी मानकों के साथ देखा जाना चाहिए।

अगर बच्चे का वजन बहुत तेजी से बढ़ रहा है, बार-बार सांस लेने में परेशानी हो रही है, लगातार खांसी या सीटी जैसी आवाज के साथ सांस आ रही है या बार-बार श्वसन संक्रमण हो रहा है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

नोट: अध्ययन में वजन बढ़ने और अस्थमा के जोखिम के बीच संबंध पाया गया है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि तेजी से वजन बढ़ना अकेले अस्थमा का कारण है। बच्चों के वजन और विकास का आकलन हमेशा बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह और उम्र के अनुसार ग्रोथ चार्ट के आधार पर किया जाना चाहिए।

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