Shavasana Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, लगातार मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल और पर्याप्त आराम न मिल पाने के कारण तनाव और मानसिक थकान बढ़ सकती है। कई लोगों को बेचैनी और नींद से जुड़ी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में योग का एक बेहद सरल आसन शवासन शरीर और मन को आराम देने में मदद कर सकता है।
शवासन को अंग्रेजी में Corpse Pose कहा जाता है। इसमें व्यक्ति पीठ के बल लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ता है और कुछ समय के लिए सांस तथा शरीर की संवेदनाओं पर ध्यान केंद्रित करता है। देखने में यह योग का सबसे आसान आसन लगता है, लेकिन वास्तव में बिना सोए पूरी तरह सचेत रहते हुए शरीर और मन को विश्राम देना अभ्यास मांगता है।
शवासन क्या है?
‘शवासन’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है—‘शव’ यानी मृत शरीर और ‘आसन’ यानी मुद्रा। इस आसन में शरीर को इस तरह स्थिर और ढीला रखा जाता है कि वह पूरी तरह विश्राम की अवस्था में दिखाई दे।
इस दौरान आमतौर पर व्यक्ति पीठ के बल आराम से लेटता है, हाथों और पैरों को सहज स्थिति में रखता है और आंखें बंद करके सामान्य सांस पर ध्यान देता है। इसका उद्देश्य शरीर को तनावमुक्त करना और मन को शांत अवस्था में लाना है।
तनाव और चिंता में कैसे मदद कर सकता है शवासन?
शवासन में शरीर को कुछ समय के लिए स्थिर रखकर धीरे-धीरे मांसपेशियों को रिलैक्स करने और सांस पर ध्यान देने का अभ्यास किया जाता है। इससे शरीर और दिमाग को आराम महसूस हो सकता है।
योग परंपरा में इसे खास तौर पर वर्कआउट या योगाभ्यास के अंत में शरीर को शांत करने वाले आसन के रूप में भी किया जाता है। नियमित अभ्यास से व्यक्ति को मानसिक विश्राम और तनाव प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
नींद और मानसिक आराम के लिए उपयोगी
दिनभर की व्यस्तता के बाद जब शरीर और दिमाग लगातार सक्रिय रहते हैं, तो रिलैक्स करना मुश्किल हो सकता है। शवासन का अभ्यास शरीर को स्थिर करके कुछ समय शांत रहने का अवसर देता है।
कुछ लोगों के लिए यह सोने से पहले मानसिक तनाव कम करने और रिलैक्स महसूस करने में सहायक हो सकता है। हालांकि, लगातार बनी रहने वाली अनिद्रा या गंभीर नींद संबंधी समस्या में केवल योग पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
मांसपेशियों की थकान कम करने में मदद
दिनभर बैठने, काम करने या व्यायाम करने के बाद शरीर की मांसपेशियों में तनाव और थकान महसूस हो सकती है। शवासन के दौरान शरीर को बिना किसी अतिरिक्त गतिविधि के आराम दिया जाता है।
इसी वजह से योग सत्र के बाद इसे करने से शरीर को कूल-डाउन और रिलैक्सेशन का समय मिल सकता है।
एकाग्रता और मानसिक शांति के लिए भी किया जाता है अभ्यास
शवासन के दौरान बाहरी गतिविधियों से ध्यान हटाकर सांस और शरीर की संवेदनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह अभ्यास व्यक्ति को कुछ समय के लिए शांत रहने और वर्तमान क्षण पर ध्यान देने में मदद कर सकता है।
नियमित योग अभ्यास के हिस्से के रूप में शवासन मानसिक शांति और रिलैक्सेशन की दिनचर्या बनाने में उपयोगी हो सकता है।
कैसे करें शवासन?
शवासन करने के लिए किसी शांत और समतल जगह पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।
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दोनों पैरों को आराम से थोड़ा अलग रखें।
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हाथों को शरीर से थोड़ी दूरी पर रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
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आंखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें।
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सांस को सामान्य रखें और उस पर ध्यान केंद्रित करें।
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चेहरे, कंधों, हाथों और पैरों की मांसपेशियों को धीरे-धीरे रिलैक्स करें।
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कुछ मिनट इसी स्थिति में आराम करें।
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आसन खत्म करते समय जल्दबाजी न करें और धीरे-धीरे आंखें खोलकर उठें।









