Newz Gossip
No Result
View All Result
Sunday, September 20, 2026
  • Login
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
Newz Gossip
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
No Result
View All Result
Newz Gossip
No Result
View All Result
Home Khabrein Jara Hat Ke

जाने भारतीय ध्वज तिरंगे में कब उकेरा गया वंदे मातरम् शब्द, संन्यासी विद्रोह के लिए लिखा गया था गीत

by newzgossip
11 months ago
in Khabrein Jara Hat Ke
0
जाने भारतीय ध्वज तिरंगे में कब उकेरा गया वंदे मातरम् शब्द, संन्यासी विद्रोह के लिए लिखा गया था गीत
152
SHARES
1.9k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

RelatedPosts

बरसाना: जहां आज भी जीवंत है राधा-कृष्ण के प्रेम की अमर गाथा, जानें इन पवित्र स्थलों का महत्व

झंकार सैम मंदिर: भगवान शिव से जुड़ी मान्यताओं वाला देवभूमि का अनोखा धाम, जानें पौराणिक कहानी

Train Ticket: टिकट पर गलत उम्र लिखना पड़ सकता है भारी, TTE कर सकता है कार्रवाई; जानें रेलवे का नियम

देश राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के 150वें वर्ष का उत्सव मना रहा है। भारत के संविधान निर्माताओं ने वंदे मातरम् को वहीं दर्जा दिया है, जो राष्ट्र गान को मिला है। बहुत कम लोगों को पता है कि भारतीय ध्वज तिरंगे की जो विकास यात्रा शुरू हुई, उसमें वंदे मातरम् राष्ट्र गीत की बहुत ही अहम भूमिका है। देश ने पहली बार स्वतंत्र भारत की परिकल्पना के साथ जो अपना ध्वज फहराया था, वह भले ही अनाधिकारिक रहा हो, लेकिन उसके बीचों बीच में राष्ट्र के प्रतीक के तौर पर संस्कृत के दो शब्द वंदे मातरम् ही उकेरे गए थे।

आजाद भारत में संविधान सभा के सभी सदस्यों ने वंदे मातरम् को राष्ट्र गीत के तौर पर सर्वसम्मति से स्वीकार किया था। 24 जनवरी, 1950 को जब देश के संविधान को अपनाने की घोषणा हो रही थी, तब देश के पहले राष्ट्रपति और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वंदे मातरम् को राष्ट्र गीत का दर्जा देने की घोषणा की। तब उन्होंने कहा था, वंदे मातरम् का गान, जिसका भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक महत्त्व रहा है, जन-गण-मन के समान ही सम्मान किया जाएगा और उसका पद उसके समान ही होगा, और दोनों को ही समान दर्जा प्राप्त होगा।

150 साल पहले महान स्वतंत्रता सेनानी बंकिम चंद्र चटर्जी की लिखी वंदे मातरम् गीत करोड़ों देशवासियों की देश भक्ति का प्रतीक रहा है। इस देश भक्ति गीत ने स्वतंत्रता संग्राम की दशा और दिशा बदलने में जितना योगदान दिया, उन्हें शब्दों में बंया नहीं कर सकते है। बहुत कम लोगों को पता है कि इस गीत की पृष्ठभूमि संन्यासी विद्रोह पर आधारित रही है। इसकी रचना तब हुई जब 1870 के दशक में बंगाल भीषण अकाल की चपेट में था। यह वहां कालखंड था जब अंग्रेजी कुशासन और शोषण से पीड़ित जनता मार रही थी। इसके खिलाफ लोगों को जगाने के लिए संन्यासी विद्रोह भड़का था।

वंदे मातरम् चटर्जी के पवित्र उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा है। यही वहां समय था, जब अंग्रेजी हुकूमत ने तुगलकी फरमान देकर भारत में गॉड सेव द क्वीन नामक गीत गाए गाने को कहा था। ब्रिटिश हुकूमत के इस फैसले के खिलाफ महान साहित्का चटर्जी ने 7 नवंबर, 1875 को अक्षय नवमी के दिन महान देश भक्ति गीत वंदे मातरम् की रचना की। देखते ही यह गीत राष्ट्र के प्रति भक्ति, समर्पण और अमरता का प्रतीक बन गई।

वंदे मातरम् की लोकप्रियता की वजह से ही जब गुलामी के काल में पहली बार भारत का एक तिरंगा सामने आया, तब उसमें संस्कृत के इन दोनों ही पवित्र शब्दों को लिखा गया था। 1906 में जब देश में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन चल रहा था, तब पहली बार कलकत्ता (कोलकाता) के पारसी बगान स्कॉयर में यह तिरंगा फहराया गया था, जिस पर वंदे मातरम् लिखा हुआ था। इस झंडे का ऊपरी हिस्सा हरा था, जिसपर 8 कमल निशान, बीच में पीली और नीचे लाल रंग वाली पट्टी थी।

एक साल बाद ही 1907 में मैडम भीकाजी कामा ने पेरिस में भी संशोधन के साथ एक तिरंगा फहराया। इसमें ऊपर केसरिया, बीच में पीली और नीचे हरी रंग की पट्टी थी, लेकिन वंदे मातरम् अपनी जगह कायम था। इस बार ऊपर की केसरिया पट्टी पर 8 कमल निशान उकेरे गए थे। हालांकि, जुलाई 1947 में राष्ट्र ध्वज के रूप में जिस तिरंगे को अपनाया, वह इनसे पूरी तरह से अलग है।

Tags: khabrein jara hat kethe song was written for the Sanyasi rebellionVande MataramVande Mataram were engraved on the Indian flagVande matram Song
SendShare61Tweet38
newzgossip

newzgossip

ABOUT US भारत की बड़ी डिजिटल वेबसाइट्स में से एक “NEWZGOSSIP” किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों को अपने पोर्टल www.newzgossip.com पर साझा नहीं करती है. Newzgossip पर कई तरह के विशेष प्रकाशित किए जाते हैं. देश (Country), दुनिया (World), समसामयिक मुद्दे (Current issue) लाइफस्टाइल (Lifestyle), धर्म (Religion), स्वास्थ्य (Health) और खबरें जरा हट के (Khabrein Jara Hat Ke) जैसे विशेषों पर लेख लिखा जाते हैं. हमारा लक्ष्य आप तक सिर्फ और सिर्फ सटीक खबरें पहुंचाने का है. हमारे साथ बने रहने के लिए आप हमें  [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप हमारे फेसबुक पेज https://www.facebook.com/NewznGossip और https://www.facebook.com/IndiaNowR  पर भी जुड़ सकते हैं.

Related Posts

बरसाना: जहां आज भी जीवंत है राधा-कृष्ण के प्रेम की अमर गाथा, जानें इन पवित्र स्थलों का महत्व
Khabrein Jara Hat Ke

बरसाना: जहां आज भी जीवंत है राधा-कृष्ण के प्रेम की अमर गाथा, जानें इन पवित्र स्थलों का महत्व

5 hours ago
झंकार सैम मंदिर: भगवान शिव से जुड़ी मान्यताओं वाला देवभूमि का अनोखा धाम, जानें पौराणिक कहानी
Khabrein Jara Hat Ke

झंकार सैम मंदिर: भगवान शिव से जुड़ी मान्यताओं वाला देवभूमि का अनोखा धाम, जानें पौराणिक कहानी

5 hours ago
Train Ticket: टिकट पर गलत उम्र लिखना पड़ सकता है भारी, TTE कर सकता है कार्रवाई; जानें रेलवे का नियम
Khabrein Jara Hat Ke

Train Ticket: टिकट पर गलत उम्र लिखना पड़ सकता है भारी, TTE कर सकता है कार्रवाई; जानें रेलवे का नियम

6 hours ago
चीन में हवा में उल्टी लटककर दौड़ती है सस्पेंडेड मोनोरेल, कांच के फर्श से दिखता है नीचे का शहर
Khabrein Jara Hat Ke

चीन में हवा में उल्टी लटककर दौड़ती है सस्पेंडेड मोनोरेल, कांच के फर्श से दिखता है नीचे का शहर

6 hours ago
Shavasana Benefits: तनाव और चिंता कम करने में मदद करता है शवासन? जानें सही तरीका और फायदे
Khabrein Jara Hat Ke

Shavasana Benefits: तनाव और चिंता कम करने में मदद करता है शवासन? जानें सही तरीका और फायदे

1 day ago
Mahasu Devta Temple: न्याय के देवता का वो धाम, जहां सदियों से सुनाई जाती है अनोखी कहानी; जानें इतिहास और रहस्य
Khabrein Jara Hat Ke

Mahasu Devta Temple: न्याय के देवता का वो धाम, जहां सदियों से सुनाई जाती है अनोखी कहानी; जानें इतिहास और रहस्य

1 day ago
जिम में वर्कआउट के दौरान सही कपड़ों का चुनाव क्यों है जरूरी? जानें ढीले या टाइट कपड़ों में क्या है बेहतर
Khabrein Jara Hat Ke

जिम में वर्कआउट के दौरान सही कपड़ों का चुनाव क्यों है जरूरी? जानें ढीले या टाइट कपड़ों में क्या है बेहतर

1 day ago
छठ महापर्व का अभिन्न प्रसाद ठेकुआ: बिहार की पहचान और आस्था का प्रतीक
Khabrein Jara Hat Ke

छठ महापर्व का अभिन्न प्रसाद ठेकुआ: बिहार की पहचान और आस्था का प्रतीक

2 days ago
लोगों को 15 मिनट तक किताबें पढ़ने के लिए पैसे देगी सिंगापुर सरकार
Khabrein Jara Hat Ke

लोगों को 15 मिनट तक किताबें पढ़ने के लिए पैसे देगी सिंगापुर सरकार

2 days ago

Categories

  • ASTROLOGY
  • BREAKING
  • Breaking News
  • CRIME
  • DELHI
  • Haryana
  • HEALTH
  • Khabrein Jara Hat Ke
  • LIFE STYLE
  • STATE
  • TECHNOLOGY
  • UTTAR PRADESH
  • अन्य
  • करियर
  • कहानियां/Stories
  • खेल
  • दिल की बात
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विदेश
  • शिक्षा

Site Navigation

  • Home
  • About Us
  • Advertisement
  • Contact Us
  • Privacy & Policy
  • Other Links
  • Disclaimer

© 2022 Newz Gossip

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories

© 2022 Newz Gossip

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In