सर्दियों में ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत गर्मागर्म चाय या कॉफी से करना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी अपनी कॉफी या चाय में एक चम्मच देसी घी मिलाकर पीने के बारे में सोचा है? इन दिनों घी वाली कॉफी (Ghee Coffee) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसे बुलेटप्रूफ कॉफी के नाम से भी जाना जाता है। दावा किया जाता है कि घी वाली कॉफी शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने, भूख नियंत्रित रखने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, इसके सभी फायदों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।
लंबे समय तक ऊर्जा देने में मददगार
देसी घी में वसा यानी फैट मौजूद होता है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। वहीं, कॉफी में मौजूद कैफीन सतर्कता और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है। जब कॉफी में थोड़ी मात्रा में घी मिलाया जाता है, तो इससे पेय में कैलोरी और फैट की मात्रा बढ़ जाती है। फैट धीरे-धीरे पचता है, इसलिए कुछ लोगों को इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। हालांकि, इसे पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखने का कोई प्रमाणित उपाय नहीं माना जा सकता।
वजन घटाने में कितना फायदेमंद?
घी वाली कॉफी को अक्सर वजन घटाने वाले पेय के रूप में प्रचारित किया जाता है। माना जाता है कि इसमें मौजूद फैट भूख कम करने और बार-बार खाने की आदत को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि घी में कैलोरी काफी अधिक होती है। एक चम्मच घी भी दैनिक कैलोरी सेवन बढ़ाता है। यदि इसे सामान्य कॉफी या चाय के अतिरिक्त लिया जाए और शारीरिक गतिविधि न बढ़ाई जाए, तो वजन घटने के बजाय बढ़ भी सकता है। इसलिए वजन कम करने के लिए संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम अधिक महत्वपूर्ण हैं।
त्वचा की नमी बनाए रखने में भूमिका
सर्दियों में ठंडी और शुष्क हवा के कारण त्वचा रूखी होने लगती है। देसी घी में वसा और कुछ मात्रा में वसा में घुलनशील विटामिन पाए जाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन ए त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, कॉफी में घी मिलाकर पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक आने या रूखापन दूर होने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना और अच्छे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।
सर्दियों में गर्म पेय का एहसास
सर्दियों में गर्मागर्म कॉफी या चाय पीने से शरीर को आराम और गर्माहट का एहसास होता है। घी मिलाने से पेय में वसा की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे उसकी कैलोरी भी बढ़ती है। हालांकि, यह दावा सही नहीं है कि घी वाली कॉफी शरीर का अंदरूनी तापमान नियंत्रित रखती है या सर्दी-जुकाम से बचाती है। ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनना और पौष्टिक भोजन करना ज्यादा जरूरी है।
पाचन के लिए कितना फायदेमंद है?
देसी घी में मौजूद वसा भोजन के पाचन और कुछ वसा में घुलनशील विटामिनों के अवशोषण में भूमिका निभाती है। कुछ लोगों को सीमित मात्रा में घी खाने से संतुष्टि महसूस हो सकती है। हालांकि, यह दावा कि कॉफी में घी मिलाने से एसिडिटी, कब्ज और पेट की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। इसके विपरीत, कॉफी में मौजूद कैफीन कुछ लोगों में एसिडिटी और पेट की परेशानी बढ़ा सकता है।
घी वाली चाय या कॉफी पीने से पहले रखें ध्यान
देसी घी में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। इसका जरूरत से ज्यादा सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए इसे रोजाना बड़ी मात्रा में पीना उचित नहीं है।
-
वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोग इसमें मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी का ध्यान रखें।
-
हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय संबंधी समस्या वाले लोग नियमित सेवन से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें।
-
एसिडिटी या कैफीन से परेशानी होने पर कॉफी का सेवन सीमित रखें।
-
संतुलित आहार में घी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करें।









