आजकल लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने की वजह से पीठ, कंधों और पैरों की मांसपेशियों में जकड़न आम समस्या बन गई है। खासकर जांघों के पीछे की हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों और अंदरूनी जांघों में खिंचाव महसूस हो सकता है। नियमित योग अभ्यास शरीर को लचीला बनाए रखने और मांसपेशियों की जकड़न कम करने में मदद कर सकता है। इन्हीं योगासनों में पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन भी शामिल है।
यह एक बैठकर किया जाने वाला आगे की ओर झुकने वाला योगासन है, जिसमें दोनों पैरों को फैलाकर शरीर को आगे की ओर झुकाया जाता है। इस दौरान पैरों के पीछे, अंदरूनी जांघों और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है। इसके नियमित और सही अभ्यास से शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
क्या है पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन?
पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन का नाम संस्कृत के कई शब्दों से मिलकर बना है। इसमें पाद का अर्थ पैर, प्रसार का अर्थ फैलाना, पश्चिम शरीर के पिछले हिस्से, उत्तान खिंचाव या विस्तार और आसन का अर्थ मुद्रा होता है।
यह पश्चिमोत्तानासन का एक अलग रूप है, जिसमें दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाने के बजाय चौड़ा फैलाकर आगे झुका जाता है। इस स्थिति में हैमस्ट्रिंग के साथ-साथ अंदरूनी जांघों और ग्रोइन क्षेत्र में भी स्ट्रेच महसूस हो सकता है।
हैमस्ट्रिंग की जकड़न में मददगार
लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि कम होने से पैरों के पीछे की मांसपेशियां कठोर महसूस हो सकती हैं। पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन में पैरों को फैलाकर आगे झुकने से हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों में अच्छा खिंचाव आता है।
नियमित अभ्यास शरीर के लचीलेपन को बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, आसन करते समय अपनी क्षमता से अधिक खिंचाव देने से बचना जरूरी है।
अंदरूनी जांघों में आता है खिंचाव
अंदरूनी जांघों में एडक्टर मांसपेशियों का समूह होता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने, कम शारीरिक गतिविधि या व्यायाम की कमी के कारण इन मांसपेशियों में जकड़न महसूस हो सकती है।
पैरों को फैलाकर आगे झुकने की वजह से इस आसन में अंदरूनी जांघों और ग्रोइन क्षेत्र में भी स्ट्रेच मिलता है। दौड़ने, साइकिल चलाने या जिम जैसी गतिविधियां करने वाले लोगों के लिए भी नियमित स्ट्रेचिंग शरीर के लचीलेपन को बनाए रखने में उपयोगी हो सकती है।
पीठ और कंधों के लिए भी उपयोगी
इस आसन में शरीर को आगे की ओर झुकाने के दौरान पीठ और कंधों के आसपास के हिस्से में भी खिंचाव महसूस हो सकता है। लंबे समय तक डेस्क पर बैठने वालों के लिए योग और नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में होने वाली अकड़न को कम करने में सहायक हो सकती है।
इसके अलावा, धीमी और नियंत्रित श्वास के साथ योग करने से मन को शांत करने और तनाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन कैसे करें?
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सबसे पहले योग मैट पर बैठ जाएं और दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाएं।
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अब दोनों पैरों को अपनी सुविधा के अनुसार धीरे-धीरे चौड़ा फैलाएं।
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रीढ़ को सीधा रखते हुए गहरी सांस लें।
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सांस छोड़ते हुए कूल्हों से आगे की ओर झुकना शुरू करें।
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हाथों को सामने जमीन की ओर ले जाएं। अपनी क्षमता के अनुसार पैरों या मैट को छूने का प्रयास करें।
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गर्दन और कंधों पर अनावश्यक दबाव न डालें।
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कुछ समय तक सामान्य और सहज सांस लेते रहें।
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धीरे-धीरे शरीर को वापस सीधी स्थिति में लाएं।









