सर्दियों का मौसम उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हाई कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे लोगों के लिए अधिक सावधानी बरतने का समय होता है। तापमान में गिरावट के साथ शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में पहले से बीपी की समस्या से पीड़ित लोगों को हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर अपना सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करता है। ठंड के संपर्क में आने पर सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे रक्त वाहिकाओं में संकुचन और रक्तचाप में वृद्धि हो सकती है। जिन लोगों को पहले से हाई बीपी, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
रात और सुबह के समय रखें विशेष सावधानी
सर्दियों में रात के समय और सुबह बिस्तर से उठते वक्त विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सोते समय कंबल हट जाने या अचानक ठंडे वातावरण के संपर्क में आने से शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं। इससे रक्तचाप बढ़ सकता है।
इसलिए हाई बीपी के मरीजों को सोते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और शरीर को ढककर रखने की सलाह दी जाती है। सुबह उठते समय भी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। पहले कुछ देर बिस्तर पर बैठें, शरीर को सामान्य होने दें और फिर धीरे-धीरे खड़े हों। ठंडे फर्श पर नंगे पैर चलने से भी बचें।
बीपी सामान्य होने पर भी बंद न करें दवाइयां
विशेषज्ञों के अनुसार, कई मरीज रक्तचाप सामान्य होने पर अपनी मर्जी से दवाइयां लेना बंद कर देते हैं या उनकी खुराक कम कर देते हैं। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। बीपी सामान्य रहने का एक कारण दवाइयों का नियमित सेवन भी हो सकता है।
इसलिए सर्दियों में भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लेते रहें। दवा का समय या खुराक बदलने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। इसी तरह मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को भी अपनी नियमित दवाओं और जांच का ध्यान रखना चाहिए।
सर्दियों में इन बातों का रखें ध्यान
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सुबह और रात के समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
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बिस्तर से अचानक उठने के बजाय धीरे-धीरे उठें।
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नियमित रूप से रक्तचाप और ब्लड शुगर की जांच करें।
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नमक और अधिक वसा वाले भोजन का सेवन सीमित रखें।
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ठंड में अचानक भारी शारीरिक मेहनत करने से बचें।
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डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित व्यायाम और पैदल चलने की आदत बनाए रखें।
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बीपी सामान्य होने पर भी अपनी दवाइयां बंद न करें।









