Newz Gossip
No Result
View All Result
Sunday, August 9, 2026
  • Login
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
Newz Gossip
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
No Result
View All Result
Newz Gossip
No Result
View All Result
Home Khabrein Jara Hat Ke

गिर सोमनाथ: सूर्य की कलाओं से दीप्त तीर्थभूमि शिव और सूर्य की संयुक्त उपासना का दुर्लभ केंद्र, जहां इतिहास आज भी सांस लेता है

by newzgossip
7 months ago
in Khabrein Jara Hat Ke, भारत
0
गिर सोमनाथ: सूर्य की कलाओं से दीप्त तीर्थभूमि शिव और सूर्य की संयुक्त उपासना का दुर्लभ केंद्र, जहां इतिहास आज भी सांस लेता है
153
SHARES
1.9k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

RelatedPosts

हरियाली से भरपूर वातावरण में घटता है बुजुर्गों का डिप्रेशन

कम शराब पीने पर भी रहता है कई बीमारियों का खतरा: अध्ययन

शरीर की मांसपेशियों को मजबूती देने में सहायक है डोलासन

प्रभास क्षेत्र प्राचीन काल से ही महादेव भगवान शिव की उपासना का एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थान तो रहा ही है, साथ ही यह सूर्य उपासना के एक अद्वितीय केंद्र के रूप में भी जाना जाता है। आज भी प्रभास और उसके आसपास के क्षेत्रों में अनेक सूर्य मंदिरों के अवशेष मिलते रहते हैं, जो यहां सूर्य उपासना की विरासत को मजबूत करते हैं।

‘प्रभास’ शब्द का अर्थ ही पूर्ण प्रभायुक्त यानी प्रकाश से भरपूर होता है। पुराणों में प्रभास क्षेत्र को भास्कर क्षेत्र कहा गया है, क्योंकि यहां सूर्य देव अपनी पूर्ण तेजस्वी कलाओं के साथ प्रकाशित होते थे। कथाओं के अनुसार सूर्य देव ने अपनी 16 कलाओं में से 12 कलाओं को प्रभास क्षेत्र के 12 सूर्य मंदिरों को अर्पित की थी, जो इस क्षेत्र की अनूठी तीर्थ महिमा को रेखांकित करता है।

शीतला माता के मंदिर के निकट स्थित सूर्य मंदिर
माना जाता है कि यह मंदिर 13वीं शताब्दी के आसपास बना था। यह मंदिर आज भी प्राचीन लिपि के अक्षरों की गवाही देता है। प्रभास खंड में इस मंदिर का नाम नागरादित्य बताया गया है। मान्यता है कि द्वारका से यहां आए सत्राजीत ने यहां सूर्य की उपासना करके और सूर्य देवप्रसाद स्वरूप प्राप्त स्यमंतक मणि मिलने के बाद यहां सूर्य की स्थापना की थी।

त्रिवेणी का भव्य सूर्य मंदिर
शारदा मठ के पीछे स्थित यह सूर्य मंदिर अपने विशिष्ट शिल्पों के लिए प्रसिद्ध है। नरथर, गजथर और हंसथर के बिना अनोखी संरचना वाला यह मंदिर वलभी काल का माना जाता है। कहा जाता है कि 13-14वीं शताब्दी में इसका जीर्णोद्धार हुआ था। मंदिर के आसपास ज्ञान वाव (ज्ञान बावड़ी), सूर्य कुंड, मार्कंड ऋषि आश्रम, कामनाथ और सिद्धनाथ जैसे अनेक पवित्र स्थल मौजूद हैं।

प्रश्नावाड़ा का सोलंकी कालीन सूर्य मंदिर
कोडिनार मार्ग पर स्थित प्रश्नावाड़ा गांव में गायत्री मंदिर के साथ लगा यह सूर्य मंदिर पूर्वाभिमुख है। गर्भगृह, प्रदक्षिणापथ और रंगमंडप वाले इस मंदिर के गूढ़ मंडप की जालियों में वनस्पति और पशुओं की नक्काशी मिलती है। साथ ही, गर्भगृह में गायत्री माता के रूप में पूजी जाना वाली पाषाण का एक शिल्पखंड है। गर्भगृह के बारसाख (दरवाजे की चौखट) पर नवग्रह की एक शिल्प की पट्टिका है और मध्य में गणेशजी हैं। मंडप के बारह खंभों में से आठ खंभों पर मंडप की छत टिकी हुई है। खंभे नीचे से चौकोर, मध्य में अष्ट कोणीय और शीर्ष पर गोलाकार हैं, इससे शिखर सोलंकी कालीन प्रतीत होता है। समूचे मंदिर को देखने से प्रतीत होता है कि मूल मंदिर आठवीं या नौवीं शताब्दी का होगा और सोलंकी काल में इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया होगा।

भीम देवल का सूर्य मंदिर
तालाला की ओर जाने वाले मार्ग पर भीम देवल गांव में गांव से एकाध किमी दूर भीम का यह देवल स्थित है, जो वास्तव में एक सूर्य मंदिर था। 9वीं ईस्वी के इस पूर्वाभिमुख सूर्य मंदिर का प्रवेशद्वार छत युक्त है और यहां आठ मुक्त खंभो वाला एक विशाल और ऊंचा मंडप है। इसके गर्भगृह के प्रवेशद्वार पर सूर्य की पत्नियां- राज्ञी और निक्षुभा की स्वागत मुद्रा में खड़ी प्रतिमाएं हैं। नागर शैली का शिखर अपनी तरह का पहला उदाहरण है। अग्नि दिशा (दक्षिण-पूर्व) वाली सीढ़ियां और शिखर पर गर्भगृह का ऊपरी हिस्सा बाद के समय में जोड़ा गया है। मंदिर के गूढ़मंडप की दीवार पर ब्रह्मा, विष्णु, शिव, सूर्य और चंद्र की आकृतियों वाली शिल्पपट्टिका देखी जा सकती है। राज्य के पुरातत्व विभाग ने इस मंदिर को संरक्षित स्मारक घोषित किया है।

मूल प्राची का पौराणिक सूर्य मंदिर
आजोठा गांव में स्थित मूल प्राची स्थल अपनी पौराणिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहां भीमनाथ महादेव के रूप में जाना जाने वाला मंदिर, प्राचीन काल में एक सूर्य मंदिर था। इस मंदिर के मंडोवर (गर्भगृह की पिछली दीवार का अलंकृत हिस्सा) के गवाक्ष (झरोखा) में स्थित सूर्य की मूर्तियां 11वीं ईस्वी के शिल्पों की शैली को दर्शाती हैं। राज्य पुरातत्व विभाग ने इस कुंड और मंदिर को संरक्षित स्मारक घोषित किया है।

उल्लेखनीय है कि शोध के अनुसार वर्तमान समय में सोमनाथ के आसपास लगभग 12 सूर्य मंदिरों के होने का प्रमाण है। हालांकि, आज उनमें से बहुत कम का अस्तित्व बचा है। जिनमें, सोमनाथ में त्रिवेणी घाट के निकट, प्रभास पाटन गांव में एक, मीठापुर के निकट, मूल प्राची में, सूत्रापाड़ा में तथा भीम देवल और नावद्रा जैसे अनेक स्थानों में इन सूर्य मंदिरों के होने के प्रमाण मिले हैं।

शिव और सूर्य की उपासना की अनन्य परंपरा वाले प्रभास क्षेत्र में स्थित ये मंदिर ना सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये भारतीय शिल्प विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक वैभव के जीवंत प्रमाण के रूप में खड़े हैं। सूर्य की कलाओं से दीप्त हुई यह भूमि आज भी प्राचीन तेज और आध्यात्मिक धरोहर का एक अद्भुत केंद्र बनी हुई है।

Tags: A sunlit pilgrimage sitecombined worship of Shiva and SuryaGir Somnathkhabrein jara hat keworship of Shivaworship of Shiva and Surya
SendShare61Tweet38
newzgossip

newzgossip

ABOUT US भारत की बड़ी डिजिटल वेबसाइट्स में से एक “NEWZGOSSIP” किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों को अपने पोर्टल www.newzgossip.com पर साझा नहीं करती है. Newzgossip पर कई तरह के विशेष प्रकाशित किए जाते हैं. देश (Country), दुनिया (World), समसामयिक मुद्दे (Current issue) लाइफस्टाइल (Lifestyle), धर्म (Religion), स्वास्थ्य (Health) और खबरें जरा हट के (Khabrein Jara Hat Ke) जैसे विशेषों पर लेख लिखा जाते हैं. हमारा लक्ष्य आप तक सिर्फ और सिर्फ सटीक खबरें पहुंचाने का है. हमारे साथ बने रहने के लिए आप हमें  [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप हमारे फेसबुक पेज https://www.facebook.com/NewznGossip और https://www.facebook.com/IndiaNowR  पर भी जुड़ सकते हैं.

Related Posts

हरियाली से भरपूर वातावरण में घटता है बुजुर्गों का डिप्रेशन
Khabrein Jara Hat Ke

हरियाली से भरपूर वातावरण में घटता है बुजुर्गों का डिप्रेशन

11 hours ago
कम शराब पीने पर भी रहता है कई बीमारियों का खतरा: अध्ययन
Khabrein Jara Hat Ke

कम शराब पीने पर भी रहता है कई बीमारियों का खतरा: अध्ययन

11 hours ago
शरीर की मांसपेशियों को मजबूती देने में सहायक है डोलासन
Khabrein Jara Hat Ke

शरीर की मांसपेशियों को मजबूती देने में सहायक है डोलासन

11 hours ago
सेब की तुलना में अधिक पोषक तत्व होते हैं केला में: शोध
Khabrein Jara Hat Ke

सेब की तुलना में अधिक पोषक तत्व होते हैं केला में: शोध

11 hours ago
नौका संचालनासन है अत्यंत प्रभावकारी योगाभ्यास
Khabrein Jara Hat Ke

नौका संचालनासन है अत्यंत प्रभावकारी योगाभ्यास

11 hours ago
असफल होने पर बच्चे का मनोबल बढ़ाएं
Khabrein Jara Hat Ke

असफल होने पर बच्चे का मनोबल बढ़ाएं

12 hours ago
मौसमी इंफेक्शन से बचाती है रोजाना की छोटी-छोटी सावधानियां
Khabrein Jara Hat Ke

मौसमी इंफेक्शन से बचाती है रोजाना की छोटी-छोटी सावधानियां

1 day ago
कुदरती ब्यूटी टॉनिक है बादाम का तेल
Khabrein Jara Hat Ke

कुदरती ब्यूटी टॉनिक है बादाम का तेल

1 day ago
धरती के केंद्र से अंतरिक्ष का निकटतम बिंदु है चिम्बोराजो माउंट
Khabrein Jara Hat Ke

धरती के केंद्र से अंतरिक्ष का निकटतम बिंदु है चिम्बोराजो माउंट

1 day ago

Categories

  • ASTROLOGY
  • BREAKING
  • Breaking News
  • CRIME
  • DELHI
  • Haryana
  • HEALTH
  • Khabrein Jara Hat Ke
  • LIFE STYLE
  • STATE
  • TECHNOLOGY
  • UTTAR PRADESH
  • अन्य
  • करियर
  • कहानियां/Stories
  • खेल
  • दिल की बात
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विदेश
  • शिक्षा

Site Navigation

  • Home
  • About Us
  • Advertisement
  • Contact Us
  • Privacy & Policy
  • Other Links
  • Disclaimer

© 2022 Newz Gossip

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories

© 2022 Newz Gossip

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In