Newz Gossip
No Result
View All Result
Wednesday, February 4, 2026
  • Login
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
Newz Gossip
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
No Result
View All Result
Newz Gossip
No Result
View All Result
Home अन्य धर्म

आपने नहीं सुनी होगी अष्टविनायक वरदविनायक मंदिर की अनोखी कथा

by newzgossip
3 years ago
in धर्म, भारत
0
आपने नहीं सुनी होगी अष्टविनायक वरदविनायक मंदिर की अनोखी कथा
154
SHARES
1.9k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

RelatedPosts

सनातन धर्म में हर दिन किसी ना किसी भगवान को है समर्पित

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स पर हस्ताक्षर, विमान, मेडिकल मशीनें और लग्जरी कारें होंगी सस्ती

अब भारतीयों को 55 देश घूमने के लिए पहले से वीजा लगवाने की जरुरत नहीं

रायगढ़ जिले के कोल्हापुर में महड़ गांव में है अष्टविनायक तीर्थ का चौथा मंदिर वरदविनायक श्री गणेश मंदिर जहां सालों से एक दीप लगातार जल रहा है। अष्ट विनायक में चौथे गणेश हैं श्री वरदविनायक। यह मंदिर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के कोल्हापुर क्षेत्र में एक सुन्दर पर्वतीय गांव है महड़। इसी गांव में श्री वरदविनायक मंदिर स्थित है। यहां प्रचलित मान्यता के अनुसार वरदविनायक भक्तों की सभी कामनों को पूरा होने का वरदान प्रदान करते हैं। इस मंदिर में नंददीप नाम का एक दीपक है जो 1892 से लगातार प्रज्जवलित है। वरदविनायक का नाम लेने मात्र से ही सारी कामनाओं को पूरा होने का वरदान प्राप्त होता है। इस मंदिर में माघी चतुर्थी पर विशेष पूजा होती है। इसके अतिरिक्त भाद्रपद की गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक भी विशेष उत्सव होता है जिसे देखने भक्तों का हुजूम उमड़ता है।

मंदिर से जुड़ी कहानी
पौराणिक कथाओं के अनुसार प्राचीन काल में एक संतानहीन राजा था। अपने दुख के निवारण के लिए वो ऋषि विश्वामित्र की शरण में गया और सलाह मांगी। ऋषि ने उसे श्री गणेश के एकाक्षरी मंत्र का जाप करने के लिए कहा। राजा ने ऐसा ही किया और भक्ति भाव गजानन की पूजा करते हुए उनके मंत्र का जाप किया। मंत्र के प्रभाव और गणपति के आर्शिवाद से उसका रुक्मांगद नाम का सुंदर पुत्र हुआ जो अत्यंत धर्मनिष्ठ भी था। युवा होने पर एक बार शिकार के दौरान जंगल में घूमते हुए रुक्मांगद, ऋषि वाचक्नवी के आश्रम में पहुंचा। यहां ऋषि की पत्नी मुकुंदा राजकुमार के पुरुषोचित सौंदर्य को देख कर उस पर मोहित हो गई और उससे प्रणय याचना की। धर्म के मार्ग पर चलने वाले रुक्मांगद ने इसे अस्वीकार कर दिया और तुरंत आश्रम से चला गया। दूसरी तरफ ऋषि पत्नी उसके प्रेम में पागल जैसी हो गई। उसकी अवस्था के बारे में जान कर देवराज इंद्र ने इसका लाभ उठाने के लिए रुक्मांगद का भेष धारण कर मुकुंदा से प्रेम संबंध बनाये, जिससे वो गर्भवती हो गई। कुछ समय बाद उसने ग्रिसमाद नामक पुत्र को जन्म दिया। युवा होने पर अपने जन्म की कहानी जान कर इस पुत्र ने मुकुंदा को श्राप दिया कि वो कांटेदार जंगली बेर की झाड़ी बन जाये। इस पर मुकुंदा ने भी अपने बेटे को श्राप दिया कि वो एक क्रूर राक्षस का पिता बनेगा। उसी समय एक आकाशवाणी से पता चला कि मुंकुदा की संतान का पिता वास्तव में इंद्र है। दोनों माता और पुत्र अत्यंत लज्जित हुए और मुकुंदा एक कांटेदार झाड़ी में बदल गयी जबकि उसका पुत्र पुष्पक वन में जाकर श्री गणेश की तपस्या करने लगा। बाद में प्रसन्न हो गणेश जी ने उसे त्रिलोकविजयी संतान का पिता बनने और एक वर मांगने का आर्शिवाद दिया। तब ग्रिसमाद ने कहा कि वे स्वयं यहां विराजमान हों और प्रत्येक भक्त की मनोकामना पूर्ण करें। इसके बाद उसने भद्रका नाम से प्रसिद्घ स्थान पर मंदिर का निर्माण किया और श्री गणेश यहां वरदविनायक के रूप में प्रतिष्ठित हुए।

मंदिर का स्थापत्य
वर्तमान वरदविनायक मंदिर के बारे में कहा जाता है की इसका निर्माण 1725 में सूबेदार रामजी महादेव बिवलकर ने करवाया था। मंदिर का परिसर सुंदर तालाब के एक किनारे बना हुआ है। ये पूर्व मुखी अष्टविनायक मंदिर पूरे महाराष्ट्र में काफी प्रसिद्ध है। यहां गणपति के साथ उनकी पत्नियों रिद्धि और सिद्धि की मूर्तियां भी स्थापित हैं। मंदिर के चारों तरफ चार हाथियों की प्रतिमायें बनाई गई हैं। मंदिर के ऊपर 25 फीट ऊंचा स्वर्ण शिखर निर्मित है। इसके नदी तट के उत्तरी भाग पर गौमुख है। मंदिर के पश्चिम में एक पवित्र तालाब बना है। मंदिर में एक मुषिका, नवग्रहों के देवताओं की मूर्तियां और एक शिवलिंग भी स्थापित है। अष्टविनायक वरदविनायक मंदिर के गर्भगृह में भी श्रद्धालुओं को जाने की अनुमति है।

Tags: Ashtavinayak Varadvinayak Templeraigarh templetemple unique storyunique story of Ashtavinayak Varadvinayak Temple
SendShare62Tweet39
newzgossip

newzgossip

ABOUT US भारत की बड़ी डिजिटल वेबसाइट्स में से एक “NEWZGOSSIP” किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों को अपने पोर्टल www.newzgossip.com पर साझा नहीं करती है. Newzgossip पर कई तरह के विशेष प्रकाशित किए जाते हैं. देश (Country), दुनिया (World), समसामयिक मुद्दे (Current issue) लाइफस्टाइल (Lifestyle), धर्म (Religion), स्वास्थ्य (Health) और खबरें जरा हट के (Khabrein Jara Hat Ke) जैसे विशेषों पर लेख लिखा जाते हैं. हमारा लक्ष्य आप तक सिर्फ और सिर्फ सटीक खबरें पहुंचाने का है. हमारे साथ बने रहने के लिए आप हमें  [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप हमारे फेसबुक पेज https://www.facebook.com/NewznGossip और https://www.facebook.com/IndiaNowR  पर भी जुड़ सकते हैं.

Related Posts

सनातन धर्म में हर दिन किसी ना किसी भगवान को है समर्पित
धर्म

सनातन धर्म में हर दिन किसी ना किसी भगवान को है समर्पित

5 days ago
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स पर हस्ताक्षर, विमान, मेडिकल मशीनें और लग्जरी कारें होंगी सस्ती
Khabrein Jara Hat Ke

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स पर हस्ताक्षर, विमान, मेडिकल मशीनें और लग्जरी कारें होंगी सस्ती

1 week ago
अब भारतीयों को 55 देश घूमने के लिए पहले से वीजा लगवाने की जरुरत नहीं
Khabrein Jara Hat Ke

अब भारतीयों को 55 देश घूमने के लिए पहले से वीजा लगवाने की जरुरत नहीं

3 weeks ago
गिर सोमनाथ: सूर्य की कलाओं से दीप्त तीर्थभूमि शिव और सूर्य की संयुक्त उपासना का दुर्लभ केंद्र, जहां इतिहास आज भी सांस लेता है
Khabrein Jara Hat Ke

गिर सोमनाथ: सूर्य की कलाओं से दीप्त तीर्थभूमि शिव और सूर्य की संयुक्त उपासना का दुर्लभ केंद्र, जहां इतिहास आज भी सांस लेता है

3 weeks ago
मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन से टल जाते हैं संकट
धर्म

मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन से टल जाते हैं संकट

4 weeks ago
एकादशी व्रत करने से होती हैं बड़ी से बड़ी मनोकामनाएं पूरी
धर्म

एकादशी व्रत करने से होती हैं बड़ी से बड़ी मनोकामनाएं पूरी

1 month ago
रविवार माना जाता है सूर्यदेव का दिन, क्या आप जानते हैं रविवार को सूर्यदेव की पूजा महत्व
धर्म

रविवार माना जाता है सूर्यदेव का दिन, क्या आप जानते हैं रविवार को सूर्यदेव की पूजा महत्व

1 month ago
मनाली और गोवा के शोर से हो गए बोर तो……पधारो सांभर महोत्सव 2025 में
Khabrein Jara Hat Ke

मनाली और गोवा के शोर से हो गए बोर तो……पधारो सांभर महोत्सव 2025 में

2 months ago
शनिवार को रवि योग, सुबह पूजा के बाद अर्घ्य और ओम सूर्याय नमः का जाप करें
धर्म

शनिवार को रवि योग, सुबह पूजा के बाद अर्घ्य और ओम सूर्याय नमः का जाप करें

2 months ago

Categories

  • ASTROLOGY
  • BREAKING
  • Breaking News
  • CRIME
  • DELHI
  • Haryana
  • HEALTH
  • Khabrein Jara Hat Ke
  • LIFE STYLE
  • STATE
  • TECHNOLOGY
  • UTTAR PRADESH
  • अन्य
  • करियर
  • कहानियां/Stories
  • खेल
  • दिल की बात
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विदेश
  • शिक्षा

Site Navigation

  • Home
  • About Us
  • Advertisement
  • Contact Us
  • Privacy & Policy
  • Other Links
  • Disclaimer

© 2022 Newz Gossip

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories

© 2022 Newz Gossip

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In