Newz Gossip
No Result
View All Result
Monday, March 30, 2026
  • Login
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
Newz Gossip
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
No Result
View All Result
Newz Gossip
No Result
View All Result
Home Khabrein Jara Hat Ke

आखिर क्यों खास है उज्जैन और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, क्यों रात में उज्जैन में नहीं रुकता कोई मंत्री? चौंका देगा रहस्य

by newzgossip
3 years ago
in Khabrein Jara Hat Ke, STATE
0
आखिर क्यों खास है उज्जैन और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, क्यों रात में उज्जैन में नहीं रुकता कोई मंत्री? चौंका देगा रहस्य
154
SHARES
1.9k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

RelatedPosts

चाय बागानों की सैर साबित हो सकता है यादगार अनुभव

गुड़हल के फूल से धड़कोना देने पर दूर होती हैं कई बीमारियां, बुरी नजर भी उतरती है

भारत को होर्मुज की जरूरत नहीं! रुस के बाद एक और दोस्त भर-भर कर भेजेगा LPG

हमारे देश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग हैं. उनमें से एक है उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग. जो सबसे रहस्यमयी माना जाता है. आइए जानते हैं कि उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग क्यों है इतना खास. और आखिर क्यों कोई मंत्री उज्जैन में रात बिताने की हिम्मत नहीं करता है…

क्यों खास है उज्जैन
उज्जैन को पुण्य भूमि के नाम से जाना जाता है. बारह ज्योतिर्लिंग में से एक ज्योतिर्लिंग उज्जैन में भी है जिसे महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग कहते हैं. साथ ही उज्जैन में हजारों संत ऋषि ब्राह्मण जप और तप करने आते हैं. साथ ही यहां शुद्ध नदी क्षिप्रा या शिप्रा नदी है और हर 12 वर्ष से सिंहस्थ महाकुंभ मेला भी लगता है. उज्जैन के बारे में एक खास बात यह है कि यहां पर ओखर श्मशान है जहां पर शिवजी का वास होता है. उज्जैन के प्राचीन नाम अवन्तिका, उज्जयनी, कनकश्रन्गा आदि है.

उज्जैन के राजा विक्रमादित्य थे. विक्रमादित्य के राजा बनने से पहले यहां एक प्रथा थी कि जो भी उज्जैन का राजा बनेगा उसकी मृत्यु निश्चित है. जिसके बाद विक्रमादित्य ने इस प्रथा को समाप्त कर दिया था. विक्रमादित्य ने कहा था कि राज्य की गद्दी अगर खाली भी है तो भी शासन उसी के नाम से चलेगा. तब से आजतक ये प्रथा चली आ रही है. मान्यताओं के अनुसार, उज्जैन के राजा केवल महाकाल हैं. इसलिए, आज भी उज्जैन को लेकर यही मान्यता है कि यदि कोई भी वर्तमान राजा रूपी नेता अर्थात प्रधानमंत्री या जन प्रतिनिधि उज्जैन शहर की सीमा के भीतर रात बिताने की हिम्मत करता है, तो उसे इस अपराध का दंड भुगतना होता है. आखिर क्यों उज्जैन में कोई राजा नहीं रुकता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का रहस्य.

महाकालेश्वर मंदिर का खास रहस्य
महाकाल से बड़ा शासक कोई नहीं है. जहां महाकाल, राजा के रूप में साक्षात विराजमान हो, वहां कोई और राजा हो ही नहीं सकता है. जिस क्षण से महाकाल उज्जैन में विराजित हुए हैं, उस क्षण से आज तक उज्जैन का कोई और राजा नहीं हुआ है. उज्जैन के केवल एक ही शासक हैं, और वो हैं प्रभु महाकाल. पौराणिक कथाओं के अनुसार कोई भी राजा उज्जैन में रात्रि निवास नहीं करता है. क्योंकि आज भी बाबा महाकाल ही उज्जैन के राजा हैं. यदि कोई भी राजा या मंत्री यहां रात में ठहरता है, तो उसे इसकी सजा भुगतनी पड़ती है.

वैज्ञानिक नजरिए से समझते हैं क्यों खास है महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
भारत को हमेशा से ही ऋषि मुनियों का देश कहा गया है. उन्होंने जिन भी चीजों को बनाया या स्थापित किया है वो सभी विज्ञान के नजरिए से बहुत खास है. साथ ही इसे ऐतिहासिक भी माना जाता है. वहीं शिव मंदिरों का जुड़ना भी आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है. प्राचीनकाल में उज्जैन अवंति कहलाता था, पुराने एतिहासिक दस्तावेजों में इसका यही नाम दर्ज किया गया है. यह विज्ञान और गणित की रिसर्च का प्राचीन केंद्र हुआ करता है.

भास्कराचार्य, ब्रह्मगुप्त और वाराहमिहिर जैसे गणितज्ञ और खगोलविद् ने उज्जैन को अपने शोध का केंद्र बनाया हुआ था. उज्जैन को शोध के लिए चुनने की कई वजह थीं. जैसे- यह शहर प्रधान मध्याह्न रेखा का केंद्र हुआ करता था. जिसकी मदद से भारतीय गणितज्ञ समय की गणना करते थे. दुनियाभर में मानक समय इसी रेखा से तय किया जाता है. इसे ग्रीनविच रेखा के नाम से भी जाना जाता है.

उज्जैन को चुनने की दूसरी वजह थी कर्क रेखा का मध्यान्ह रेखा का मिलना. इसलिए यह शहर ज्योतिषीय गणना के लिए उपयुक्त माना गयाा है. ज्योतिष से जुड़े गणितज्ञ उज्जैन में यह तय करते थे कि कैसे साल के सबसे बड़े दिन के बाद सूर्य दक्षिण की यात्रा शुरू करता है. अपने आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण उज्जैन को दुनिया की नाभि भी कहा गया. हिन्दुओं में आज भी चंद्र-सौर पंचांग के मुताबिक, शुभ-अशुभ देखने की परंपरा है. उस पंचांग को बनाने के लिए यहां पर लम्बे समय तक गणितज्ञों और ज्योतिषियों ने काम किया. उसके आधार पर ही भारत में व्रत और त्योहर मनाए जाते हैं.

बीज गणित और लीलावती जैसे गणितीय शास्त्रों के लेखक भास्कराचार्य उज्जैन की वेधशाला के मार्गदर्शक थे. उन्होंने धरती में ‘गुरुत्वाकर्षण बल’ की खोज उज्जैन में ही की थी. 12वीं शताब्दी में उज्जैन में रहकर ही महान गणितज्ञ भास्कराचार्य ने ज्योतिष शास्त्र की अद्वितीय पुस्तक सिद्धांत शिरोमणि को लिखने का कार्य किया. प्राचीन काल से उज्जैन भारतीय काल गणना का केंद्र रहा है. खगोल वैज्ञानिकों और गणितज्ञों ने इसकी इस खूबी को पहचाना. यही वजह है कि धार्मिक आयोजन सिंहस्थ के लिए जिन चार जगहों को चुना गया है उसमें उज्जैन शामिल है.

महाकाल मंदिर दक्षिणमुखी क्यों है?
दक्षिण दिशा मृत्यु का प्रतिनिधित्व करती है. कहा जाता है कि आकाश में तारक लिंग, पाताल में हाटकेश्वर लिंग और पृथ्वी पर महाकालेश्वर से बढ़कर अन्य कोई ज्योतिर्लिंग नहीं है. इसलिए महाकालेश्वर को पृथ्वी का अधिपति भी माना जाता है. उज्जैन में एक दक्षिणमुखी ज्‍योतिर्लिंग है. शास्त्रों के अनुसार, दक्षिण दिशा के स्वामी यमराज जी है. कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति मंदिर में आकर सच्चे मन से भगवान शिव की प्रार्थना करता है, उसे मृत्यु के बाद मिलने वाली यातनाओं से मुक्ति मिलती है. कहा जाता है कि, यहां आकर भगवान शिव के दर्शन करने से अकाल मृत्यु टल जाती है और व्यक्ति को सीधा मोक्ष प्राप्त होता है.

Tags: Mahakaleshwar JyotirlingMystery of UjjainWhy Mahakaleshwar Jyotirling is Specialwhy no minister stays in Ujjain at night?Why Ujjain is Special
SendShare62Tweet39
newzgossip

newzgossip

ABOUT US भारत की बड़ी डिजिटल वेबसाइट्स में से एक “NEWZGOSSIP” किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों को अपने पोर्टल www.newzgossip.com पर साझा नहीं करती है. Newzgossip पर कई तरह के विशेष प्रकाशित किए जाते हैं. देश (Country), दुनिया (World), समसामयिक मुद्दे (Current issue) लाइफस्टाइल (Lifestyle), धर्म (Religion), स्वास्थ्य (Health) और खबरें जरा हट के (Khabrein Jara Hat Ke) जैसे विशेषों पर लेख लिखा जाते हैं. हमारा लक्ष्य आप तक सिर्फ और सिर्फ सटीक खबरें पहुंचाने का है. हमारे साथ बने रहने के लिए आप हमें  [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप हमारे फेसबुक पेज https://www.facebook.com/NewznGossip और https://www.facebook.com/IndiaNowR  पर भी जुड़ सकते हैं.

Related Posts

चाय बागानों की सैर साबित हो सकता है यादगार अनुभव
Khabrein Jara Hat Ke

चाय बागानों की सैर साबित हो सकता है यादगार अनुभव

14 hours ago
गुड़हल के फूल से धड़कोना देने पर दूर होती हैं कई बीमारियां, बुरी नजर भी उतरती है
Khabrein Jara Hat Ke

गुड़हल के फूल से धड़कोना देने पर दूर होती हैं कई बीमारियां, बुरी नजर भी उतरती है

14 hours ago
भारत को होर्मुज की जरूरत नहीं! रुस के बाद एक और दोस्त भर-भर कर भेजेगा LPG
Khabrein Jara Hat Ke

भारत को होर्मुज की जरूरत नहीं! रुस के बाद एक और दोस्त भर-भर कर भेजेगा LPG

15 hours ago
प्राकृतिक उपायों से बालों को जड़ों से कर सकते हैं मजबूत
Khabrein Jara Hat Ke

प्राकृतिक उपायों से बालों को जड़ों से कर सकते हैं मजबूत

2 days ago
क्या आप जानते है क्या है Golden Shower Tree ? कई प्रकार से लाभकारी है गोल्डन शॉवर ट्री
Khabrein Jara Hat Ke

क्या आप जानते है क्या है Golden Shower Tree ? कई प्रकार से लाभकारी है गोल्डन शॉवर ट्री

2 days ago
जंग के बीच क्यों सस्ती हो रही पीली धातु…………क्या है इसका विदेशी कनेक्शन
Khabrein Jara Hat Ke

जंग के बीच क्यों सस्ती हो रही पीली धातु…………क्या है इसका विदेशी कनेक्शन

2 days ago
कनाडा मिट्टी से अचानक उगने लगे अजीबोगरीब पौधे
Khabrein Jara Hat Ke

कनाडा मिट्टी से अचानक उगने लगे अजीबोगरीब पौधे

2 days ago
अजवाइन को कच्चा खाने के बजाय हल्का भूनकर खाए, होगा ये फायदा
HEALTH

अजवाइन को कच्चा खाने के बजाय हल्का भूनकर खाए, होगा ये फायदा

3 days ago
आखिरकार आजादी के बाद क्यों बनाना पड़ा पश्चिम बंगाल ….इसमें हिंदुओं का बहुत बड़ा योगदान
Khabrein Jara Hat Ke

आखिरकार आजादी के बाद क्यों बनाना पड़ा पश्चिम बंगाल ….इसमें हिंदुओं का बहुत बड़ा योगदान

3 days ago

Categories

  • ASTROLOGY
  • BREAKING
  • Breaking News
  • CRIME
  • DELHI
  • Haryana
  • HEALTH
  • Khabrein Jara Hat Ke
  • LIFE STYLE
  • STATE
  • TECHNOLOGY
  • UTTAR PRADESH
  • अन्य
  • करियर
  • कहानियां/Stories
  • खेल
  • दिल की बात
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विदेश
  • शिक्षा

Site Navigation

  • Home
  • About Us
  • Advertisement
  • Contact Us
  • Privacy & Policy
  • Other Links
  • Disclaimer

© 2022 Newz Gossip

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories

© 2022 Newz Gossip

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In