अगर कुछ दिनों से बार-बार पेशाब आ रहा है, पेशाब करते समय जलन या दर्द हो रहा है या पेशाब करने के तुरंत बाद भी ऐसा महसूस होता है कि मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये लक्षण यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, बार-बार पेशाब आने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल इन लक्षणों के आधार पर UTI की पुष्टि नहीं की जा सकती।
क्या होता है UTI?
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन आमतौर पर तब होता है जब बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में प्रवेश करके संक्रमण पैदा करते हैं। संक्रमण मूत्रमार्ग या ब्लैडर तक सीमित रह सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यह ऊपर की ओर बढ़कर किडनी को भी प्रभावित कर सकता है।
ब्लैडर के संक्रमण में पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा और निचले पेट में असहजता जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
पेशाब में जलन और बार-बार जाना प्रमुख संकेत
UTI में सबसे आम शिकायतों में पेशाब करते समय जलन या दर्द शामिल है। इसके साथ बार-बार पेशाब करने की इच्छा हो सकती है, भले ही हर बार पेशाब की मात्रा कम हो।
कुछ लोगों में पेशाब धुंधला दिखाई दे सकता है या उसकी गंध सामान्य से अलग महसूस हो सकती है। कभी-कभी पेशाब में खून भी दिखाई दे सकता है। पेशाब में खून दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि इसके पीछे UTI के अलावा अन्य कारण भी हो सकते हैं।
बुखार और कमर दर्द को न करें नजरअंदाज
अगर पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आने के साथ बुखार, ठंड लगना, कमर या पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द, जी मिचलाना या उल्टी जैसी समस्या हो, तो जल्द चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
ऐसे लक्षण संक्रमण के किडनी तक पहुंचने की संभावना से जुड़े हो सकते हैं। किडनी का संक्रमण गंभीर हो सकता है और समय पर उपचार जरूरी होता है।
महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है UTI
महिलाओं में UTI होने की संभावना पुरुषों की तुलना में अधिक होती है। इसका एक प्रमुख कारण शरीर की संरचना है। महिलाओं का मूत्रमार्ग अपेक्षाकृत छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया के ब्लैडर तक पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है।
यौन गतिविधि भी कुछ महिलाओं में UTI के जोखिम को बढ़ा सकती है। इसके अलावा मेनोपॉज के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव भी मूत्र मार्ग में संक्रमण के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं।
डायबिटीज जैसी कुछ स्वास्थ्य स्थितियों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में भी UTI का खतरा बढ़ सकता है।
UTI से बचाव के लिए क्या करें?
UTI के जोखिम को कम करने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों पर ध्यान दिया जा सकता है।
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शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त पानी पिएं।
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पेशाब की इच्छा को लंबे समय तक रोककर न रखें।
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व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें।
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महिलाओं में शौचालय इस्तेमाल करने के बाद सफाई करते समय आगे से पीछे की ओर सफाई करना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
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बार-बार UTI होने पर डॉक्टर से कारण और बचाव के उपायों के बारे में सलाह लें।









