एक बार फिर
मेरी चाहत थी तुम्हें अपना बनाना लेकिन मेरी किस्मत को ये मंजूर ना था..लेकिन मेरी किस्मत इतनी भी दगाबाज ना ...
मेरी चाहत थी तुम्हें अपना बनाना लेकिन मेरी किस्मत को ये मंजूर ना था..लेकिन मेरी किस्मत इतनी भी दगाबाज ना ...
जब वो बात करती है तो दिल करता है कि वो बोलती रहे और मैं सुनता रहूं.. जब वो मुस्कुराती ...
यूं तो मेरे प्यार के किस्से सुनाने की मुझे आदत नहीं है..लेकिन अब जब तुम इतना जोर दे रही हो ...
बाकी रहेंगे मेरे निशां....जाने के बाद भी... मेरी यादों की खुशबू महका करेगी...जाने के बाद भी... वो रास्ते के पत्थर ...
© 2022 Newz Gossip
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