Newz Gossip
No Result
View All Result
Sunday, October 25, 2026
  • Login
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
Newz Gossip
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
No Result
View All Result
Newz Gossip
No Result
View All Result
Home अन्य धर्म

महाकाल मंदिर में खास भस्म से होता है शिव का श्रृंगार, यहां रात में नहीं रुकते नेता

by newzgossip
4 years ago
in धर्म
0
महाकाल मंदिर में खास भस्म से होता है शिव का श्रृंगार, यहां रात में नहीं रुकते नेता
153
SHARES
1.9k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

RelatedPosts

84 लाख योनियों का रहस्य! जानें मृत्यु के बाद मिलता है कौन सा जन्म

माता वैष्णो देवी के 5 रहस्य, तीन पिंडियों से लेकर भैरवनाथ मंदिर तक जानें पूरी कथा

शरद पूर्णिमा 2026: 25 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, जानें मां लक्ष्मी की पूजा विधि और खीर का महत्व

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन का महाकाल ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद खास स्थान रखता है. यह ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में उज्जैन शहर के शिप्रा नदी के किनारे स्थिति है। महाकालेश्वर मंदिर की मंगला आरती विश्व में अनोखी प्रकार की आरती है. इसमें महाकाल ज्योतिर्लिंग का भस्म से अभिषेक करते हैं. यह आरती प्रति दिन ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग दो घंटे पहले) में की जाती है. इस आरती में महिलाएं घूंघट में शामिल होती है. यहां पर ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार भी भस्म से ही किया जाता है. आइये जानते हैं शिव धाम महाकाल ज्योतिर्लिंग की रोचक बातें-

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित में स्थित है. यहां की भस्म आरती विश्वभर में प्रसिद्ध है. प्रतिदिन बाबा का भस्म से श्रृंगार किया जाता है. भस्म आरती को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं. कहते हैं प्राचीन समय से ही महाकाल बाबा को चिता की भस्म चढ़ाई जाती थी लेकिन अब यहां उपलों से विशेष भस्म बनाई जाती है।

पलाश, बड़, शमी, पीपल, अमलतास, बैर के पेड़ की लकडि़यां और उपलों को एक साथ जलाया जाता है. पूरी प्रक्रिया के दौरान मंत्रोच्चारण किए जाते हैं. फिर इसे एक साफ कपड़े से छानकर बाबा का श्रृंगार किया जाता है।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार
भक्त अपने अराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पसंद की चीजों से उनका श्रृंगार करते हैं और उन्हें अर्पित भी करते हैं. इसी क्रम में महाकाल ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार भस्म से किया जाता है. शिव पुराण की कथा के अनुसार, देवी सती के देह त्याग के बाद भगवान शिव अत्यंत दुखी हुए. इस दुःख में वे अपनी सुध-बुध खो बैठे और देवी सती का शव लेकर तांडव करने लगे।

शिव का मोह भंग करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के शव के कई टुकड़े कर दिए. सती के वियोग में भगवान शिव शंकर ने औघड़ एवं दिगंबर रूप धारण कर शमशान पर बैठ गए और अपने शरीर पर चिता की भस्म लगा ली. मान्यता है कि तभी से भस्म भी भगवान शिव का श्रृंगार बन गया और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का श्रृंगार भस्म से किया जाने लगा।

शिव संहार के देवता है. भोलेनाथ भस्म धारण ये संदेश देते हैं कि जब इस संसार का विनाश होगा तब सभी जीवों की आत्माएं शिवजी में ही समा जाएंगी।

उज्जैन में शिव के पवित्र धाम को लेकर लंबे समय से एक मान्यता आज भी कायम है. कहते हैं यहां कभी कोई नगर का राजा जैसे मुख्यमंत्री रात नहीं गुजराते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाकालेश्वर उज्जैन के राजाधिराज हैं, इसलिए बाबा महाकाल के दरबार में एक साथ दो राजा नहीं रूक सकते हैं. मान्यताओं के अनुसार जो भी बड़े राजनेता या मुख्यमंत्री यहां रात रुकते हैं उनकी सत्ता संबंधी परेशानियां शुरु हो जाती है।

शिवलिंग पर चढ़ाएं ये सामग्रियां
भगवान शिव को पुष्प, पंच फल, पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, चीनी, पान-सुपारी, लौंग, इलायची, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें, तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी चंदन अति प्रिय है. इसलिए भक्तों द्वारा भगवान शिव की पूजा में ये चीजें अर्पित करते हैं।

महाकाल मंदिर तीन खंडों में बंटा हुआ है. ऊपरी भाग में नागचंद्रेश्वर मंदिर, मध्य में ओंकारेश्वर तथा निचले खंड में बाबा महाकाल विराजे हैं. महाकाल मंदिर में भोलेनाथ का दक्षिणामुखी शिवलिंग है।

Tags: 12 jyotirlingaJyotirlinga Make upMahakaleshwarMahakaleshwar JyotirlingaMahakaleshwar Temple UjjainSatayam Shivam Sundaram
SendShare61Tweet38
newzgossip

newzgossip

ABOUT US भारत की बड़ी डिजिटल वेबसाइट्स में से एक “NEWZGOSSIP” किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों को अपने पोर्टल www.newzgossip.com पर साझा नहीं करती है. Newzgossip पर कई तरह के विशेष प्रकाशित किए जाते हैं. देश (Country), दुनिया (World), समसामयिक मुद्दे (Current issue) लाइफस्टाइल (Lifestyle), धर्म (Religion), स्वास्थ्य (Health) और खबरें जरा हट के (Khabrein Jara Hat Ke) जैसे विशेषों पर लेख लिखा जाते हैं. हमारा लक्ष्य आप तक सिर्फ और सिर्फ सटीक खबरें पहुंचाने का है. हमारे साथ बने रहने के लिए आप हमें  [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप हमारे फेसबुक पेज https://www.facebook.com/NewznGossip और https://www.facebook.com/IndiaNowR  पर भी जुड़ सकते हैं.

Related Posts

84 लाख योनियों का रहस्य! जानें मृत्यु के बाद मिलता है कौन सा जन्म
धर्म

84 लाख योनियों का रहस्य! जानें मृत्यु के बाद मिलता है कौन सा जन्म

18 hours ago
माता वैष्णो देवी के 5 रहस्य, तीन पिंडियों से लेकर भैरवनाथ मंदिर तक जानें पूरी कथा
धर्म

माता वैष्णो देवी के 5 रहस्य, तीन पिंडियों से लेकर भैरवनाथ मंदिर तक जानें पूरी कथा

2 days ago
शरद पूर्णिमा 2026: 25 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, जानें मां लक्ष्मी की पूजा विधि और खीर का महत्व
धर्म

शरद पूर्णिमा 2026: 25 अक्टूबर को रखा जाएगा व्रत, जानें मां लक्ष्मी की पूजा विधि और खीर का महत्व

4 days ago
भगवान को भोग अर्पित करने के तुरंत बाद न उठाएं थाली? जानिए प्रसाद से जुड़े जरूरी नियम
धर्म

भगवान को भोग अर्पित करने के तुरंत बाद न उठाएं थाली? जानिए प्रसाद से जुड़े जरूरी नियम

2 weeks ago
कोटद्वार का सिद्धबली मंदिर: हनुमान जी का प्राचीन सिद्धपीठ, जहां दर्शन के लिए उमड़ते हैं श्रद्धालु
धर्म

कोटद्वार का सिद्धबली मंदिर: हनुमान जी का प्राचीन सिद्धपीठ, जहां दर्शन के लिए उमड़ते हैं श्रद्धालु

2 weeks ago
शारदीय नवरात्रि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? जानें पूरी जानकारी
Khabrein Jara Hat Ke

शारदीय नवरात्रि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? जानें पूरी जानकारी

2 weeks ago
इसलिए भगवान गणेश को कहते हैं आदिपूज्य, जानिए उनके प्रमुख नामों का रहस्य
धर्म

इसलिए भगवान गणेश को कहते हैं आदिपूज्य, जानिए उनके प्रमुख नामों का रहस्य

1 month ago
गणपति बप्पा 10 दिनों के लिए ही क्यों करते हैं विराजमान? जानिए धार्मिक और पौराणिक मान्यता
धर्म

गणपति बप्पा 10 दिनों के लिए ही क्यों करते हैं विराजमान? जानिए धार्मिक और पौराणिक मान्यता

1 month ago
हनुमान जी से लेकर अश्वत्थामा तक, क्या आज भी धरती पर मौजूद हैं ये 7 चिरंजीवी?
Khabrein Jara Hat Ke

हनुमान जी से लेकर अश्वत्थामा तक, क्या आज भी धरती पर मौजूद हैं ये 7 चिरंजीवी?

1 month ago

Categories

  • ASTROLOGY
  • BREAKING
  • Breaking News
  • CRIME
  • DELHI
  • Haryana
  • HEALTH
  • Khabrein Jara Hat Ke
  • LIFE STYLE
  • STATE
  • TECHNOLOGY
  • UTTAR PRADESH
  • अन्य
  • करियर
  • कहानियां/Stories
  • खेल
  • दिल की बात
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विदेश
  • शिक्षा

Site Navigation

  • Home
  • About Us
  • Advertisement
  • Contact Us
  • Privacy & Policy
  • Other Links
  • Disclaimer

© 2022 Newz Gossip

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories

© 2022 Newz Gossip

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In