Newz Gossip
No Result
View All Result
Wednesday, October 14, 2026
  • Login
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
Newz Gossip
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
No Result
View All Result
Newz Gossip
No Result
View All Result
Home Khabrein Jara Hat Ke

पूर्ण शलभासन: रीढ़ और पीठ को मजबूत बनाने वाला उन्नत योगासन, जानें अभ्यास का सही तरीका और फायदे

by newzgossip
12 minutes ago
in Khabrein Jara Hat Ke
0
पूर्ण शलभासन: रीढ़ और पीठ को मजबूत बनाने वाला उन्नत योगासन, जानें अभ्यास का सही तरीका और फायदे
152
SHARES
1.9k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

RelatedPosts

सर्दियों में महिलाएं रहेंगी फिट और सेहतमंद, अपनाएं ये 7 आसान हेल्थ टिप्स

घुंघराले बालों को बनाना है मुलायम और खूबसूरत? अपनाएं ये 7 आसान तरीके, उलझने और रूखेपन से मिलेगा छुटकारा

नोबेल पुरस्कार जीतना आसान नहीं, नामांकन से चयन तक कई कठिन चरणों से गुजरते हैं उम्मीदवार

योग शरीर को लचीला बनाने, मांसपेशियों को मजबूत करने और शारीरिक संतुलन बेहतर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पूर्ण शलभासन ऐसा ही एक उन्नत योगासन है, जिसमें शरीर को टिड्डी के समान मुद्रा में उठाया जाता है। यह आसन मुख्य रूप से पीठ, कमर और शरीर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद करता है। हालांकि, इसे करने के लिए पर्याप्त लचीलापन, शारीरिक क्षमता और सही तकनीक की जरूरत होती है।

क्या है पूर्ण शलभासन?

पूर्ण शलभासन का नाम संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है। शलभ का अर्थ टिड्डी और पूर्ण का अर्थ संपूर्ण होता है। इस आसन की मुद्रा टिड्डी के आकार से मिलती-जुलती है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया है। यह शलभासन का उन्नत रूप माना जाता है। इसके अभ्यास में शरीर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों को सक्रिय रखते हुए पैरों और धड़ को नियंत्रित तरीके से उठाया जाता है। इसकी अलग-अलग तकनीकें प्रचलित हैं, इसलिए सही विधि सीखना जरूरी है।

पीठ और कमर की मांसपेशियों को मिलती है मजबूती

पूर्ण शलभासन के अभ्यास में पीठ के निचले हिस्से, कूल्हों और पैरों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। नियमित और सही तरीके से इसका अभ्यास करने से इन मांसपेशियों की ताकत और शरीर पर नियंत्रण बेहतर हो सकता है। इसके अलावा, यह शरीर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले योगाभ्यासों में शामिल है। हालांकि, इसे रीढ़ की हड्डी को असाधारण रूप से मजबूत करने या पीठ दर्द को ठीक करने का निश्चित उपाय नहीं मानना चाहिए।

शरीर के लचीलेपन और संतुलन में मददगार

इस उन्नत आसन को करने के लिए शरीर में लचीलापन, मांसपेशियों का समन्वय और संतुलन जरूरी होता है। नियमित अभ्यास से शरीर की गतिविधियों पर नियंत्रण बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए पहले सरल योगासन और शलभासन के शुरुआती रूपों का अभ्यास करना बेहतर रहता है।

पाचन संबंधी समस्याओं में सावधानी जरूरी

पूर्ण शलभासन में पेट के हिस्से पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, कब्ज या पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में इस आसन की प्रभावशीलता के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। पाचन को बेहतर रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि अधिक महत्वपूर्ण हैं।

कैसे करें पूर्ण शलभासन का अभ्यास?

पूर्ण शलभासन एक उन्नत योगासन है, इसलिए शुरुआत में इसे किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में ही सीखना चाहिए। पहले सरल शलभासन का अभ्यास करके शरीर को तैयार करें। इसके बाद प्रशिक्षक के निर्देशों के अनुसार ही उन्नत मुद्रा का अभ्यास करें। आसन करते समय सांस सामान्य रखें और शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। दर्द, चक्कर या असहजता महसूस होने पर तुरंत अभ्यास रोक दें।

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?

जिन लोगों को कमर या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या है, हाल ही में चोट या सर्जरी हुई है अथवा पेट से संबंधित गंभीर परेशानी है, उन्हें यह आसन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। गर्भावस्था के दौरान भी इस तरह के उन्नत आसनों का अभ्यास विशेषज्ञ की अनुमति के बिना नहीं करना चाहिए।

कुल मिलाकर, पूर्ण शलभासन शरीर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों को सक्रिय करने और शारीरिक नियंत्रण बेहतर बनाने वाला एक उन्नत योगासन है। इसे कठिन आसन समझकर जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे अभ्यास करना चाहिए। सही तकनीक, नियमितता और अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखकर ही इसके संभावित लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।

Tags: Advanced Yoga PosesAdvanced Yoga PracticeBack Muscle ExercisesFull Locust PoseHealth Benefits of YogaLocust Pose YogaLower Back StrengtheningPurna ShalabhasanaShalabhasana BenefitsSpine FlexibilityYoga AsanasYoga for Back StrengthYoga for BeginnersYoga for Body BalanceYoga for FlexibilityYoga for Muscle StrengthYoga for Physical FitnessYoga For PostureYoga Practice TipsYoga Safety Tips
SendShare61Tweet38
newzgossip

newzgossip

ABOUT US भारत की बड़ी डिजिटल वेबसाइट्स में से एक “NEWZGOSSIP” किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों को अपने पोर्टल www.newzgossip.com पर साझा नहीं करती है. Newzgossip पर कई तरह के विशेष प्रकाशित किए जाते हैं. देश (Country), दुनिया (World), समसामयिक मुद्दे (Current issue) लाइफस्टाइल (Lifestyle), धर्म (Religion), स्वास्थ्य (Health) और खबरें जरा हट के (Khabrein Jara Hat Ke) जैसे विशेषों पर लेख लिखा जाते हैं. हमारा लक्ष्य आप तक सिर्फ और सिर्फ सटीक खबरें पहुंचाने का है. हमारे साथ बने रहने के लिए आप हमें  [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप हमारे फेसबुक पेज https://www.facebook.com/NewznGossip और https://www.facebook.com/IndiaNowR  पर भी जुड़ सकते हैं.

Related Posts

सर्दियों में महिलाएं रहेंगी फिट और सेहतमंद, अपनाएं ये 7 आसान हेल्थ टिप्स
Khabrein Jara Hat Ke

सर्दियों में महिलाएं रहेंगी फिट और सेहतमंद, अपनाएं ये 7 आसान हेल्थ टिप्स

14 minutes ago
घुंघराले बालों को बनाना है मुलायम और खूबसूरत? अपनाएं ये 7 आसान तरीके, उलझने और रूखेपन से मिलेगा छुटकारा
Khabrein Jara Hat Ke

घुंघराले बालों को बनाना है मुलायम और खूबसूरत? अपनाएं ये 7 आसान तरीके, उलझने और रूखेपन से मिलेगा छुटकारा

32 minutes ago
नोबेल पुरस्कार जीतना आसान नहीं, नामांकन से चयन तक कई कठिन चरणों से गुजरते हैं उम्मीदवार
Khabrein Jara Hat Ke

नोबेल पुरस्कार जीतना आसान नहीं, नामांकन से चयन तक कई कठिन चरणों से गुजरते हैं उम्मीदवार

1 day ago
25 से 30 साल के युवाओं में तेजी से बढ़ रही गर्दन दर्द की शिकायत, मोबाइल और लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल बन रहा वजह
Khabrein Jara Hat Ke

25 से 30 साल के युवाओं में तेजी से बढ़ रही गर्दन दर्द की शिकायत, मोबाइल और लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल बन रहा वजह

2 days ago
दिल की बीमारी का मतलब सिर्फ हार्ट अटैक नहीं, इन 10 संकेतों को न करें नजरअंदाज: विशेषज्ञ
Khabrein Jara Hat Ke

दिल की बीमारी का मतलब सिर्फ हार्ट अटैक नहीं, इन 10 संकेतों को न करें नजरअंदाज: विशेषज्ञ

3 days ago
उत्तानपादासन के अनेक फायदे, पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने और वजन नियंत्रित रखने में सहायक
Khabrein Jara Hat Ke

उत्तानपादासन के अनेक फायदे, पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने और वजन नियंत्रित रखने में सहायक

3 days ago
शादी से पहले Weight Loss Drugs का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
Khabrein Jara Hat Ke

शादी से पहले Weight Loss Drugs का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

4 days ago
गोमुखासन के फायदे: एकाग्रता बढ़ाने और कंधों की जकड़न कम करने में मददगार
Khabrein Jara Hat Ke

गोमुखासन के फायदे: एकाग्रता बढ़ाने और कंधों की जकड़न कम करने में मददगार

4 days ago
शारदीय नवरात्रि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? जानें पूरी जानकारी
Khabrein Jara Hat Ke

शारदीय नवरात्रि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? जानें पूरी जानकारी

4 days ago

Categories

  • ASTROLOGY
  • BREAKING
  • Breaking News
  • CRIME
  • DELHI
  • Haryana
  • HEALTH
  • Khabrein Jara Hat Ke
  • LIFE STYLE
  • STATE
  • TECHNOLOGY
  • UTTAR PRADESH
  • अन्य
  • करियर
  • कहानियां/Stories
  • खेल
  • दिल की बात
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विदेश
  • शिक्षा

Site Navigation

  • Home
  • About Us
  • Advertisement
  • Contact Us
  • Privacy & Policy
  • Other Links
  • Disclaimer

© 2022 Newz Gossip

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories

© 2022 Newz Gossip

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In