बच्चों को समय पर खाना खिलाना माता-पिता के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता। कई बार बच्चे खाने की थाली देखते ही मुंह बनाने लगते हैं, तो कभी भूख नहीं लगने का बहाना बनाकर खाना टाल देते हैं। माता-पिता उनकी इस आदत को अक्सर जिद या नखरे समझ लेते हैं, लेकिन हर बार ऐसा होना जरूरी नहीं है। बच्चों की भूख कम होने के पीछे कुछ शारीरिक और मानसिक कारण भी हो सकते हैं।
बच्चों के सही विकास के लिए पर्याप्त पोषण बेहद जरूरी है। ऐसे में अगर बच्चा लगातार खाना खाने से मना कर रहा है या उसकी भूख में अचानक कमी आई है, तो इसके पीछे की वजह समझना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे पांच प्रमुख कारण, जिनकी वजह से बच्चों को भूख कम लग सकती है।
1. पेट में कीड़े होना
बच्चों में भूख कम लगने की एक वजह पेट में परजीवी कीड़े होना भी हो सकती है। आंतों में कीड़े होने पर कुछ बच्चों को पेट दर्द, दस्त, पेट फूलने और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक संक्रमण रहने पर पोषक तत्वों की कमी और एनीमिया का खतरा भी बढ़ सकता है। हालांकि, हर बच्चे में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते। यदि बच्चे को लगातार पेट से जुड़ी परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
2. एनीमिया यानी खून की कमी
शरीर में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया भी बच्चों की भूख और ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। इससे बच्चे में कमजोरी, थकान, चिड़चिड़ापन और खेलकूद में रुचि कम होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई बार बच्चा खाना खाने में भी दिलचस्पी नहीं दिखाता। ऐसे में उसे डांटने या जबरदस्ती खिलाने के बजाय डॉक्टर की सलाह से हीमोग्लोबिन और आयरन की जांच करवाना बेहतर होता है।
3. कब्ज और पाचन संबंधी समस्याएं
अगर बच्चे का पेट ठीक से साफ नहीं होता, तो उसे भूख कम लग सकती है। कब्ज के कारण पेट भारी रहना, पेट दर्द, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में बच्चा थोड़ा खाना खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस कर सकता है। बच्चों को पर्याप्त पानी, फल, सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन देना पाचन के लिए मददगार हो सकता है। कब्ज लगातार बनी रहे तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
4. तनाव और अवसाद
मानसिक परेशानियां केवल बड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चे भी तनाव और अवसाद का सामना कर सकते हैं। स्कूल का दबाव, पढ़ाई की चिंता, दोस्तों के साथ परेशानी या पारिवारिक माहौल में तनाव उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। इसका असर उनकी भूख और खाने की आदतों पर भी पड़ सकता है। यदि बच्चा पहले की तुलना में चुप रहने लगा है, उदास रहता है या खाने में रुचि नहीं दिखाता, तो उससे प्यार से बात करें और उसकी परेशानी समझने की कोशिश करें।
5. दवाइयों का सेवन
कुछ दवाइयों के सेवन से भी बच्चों की भूख प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से कुछ एंटीबायोटिक और अन्य दवाओं के कारण मतली, पेट की परेशानी या स्वाद में बदलाव हो सकता है, जिससे बच्चा खाना कम कर सकता है। यदि दवा शुरू करने के बाद बच्चे की भूख में कमी आई है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा बंद न करें। दवा का कोर्स पूरा होने के बाद भी भूख सामान्य नहीं होती है, तो जांच करवाना जरूरी है।
माता-पिता इन बातों का रखें ध्यान
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बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाने से बचें।
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भोजन का समय नियमित रखें और खाने के बीच बार-बार जंक फूड न दें।
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खाने में फल, सब्जियां, दालें और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें।
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बच्चे की नींद और शारीरिक गतिविधियों का ध्यान रखें।
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भूख कम होने के साथ वजन घटना, लगातार कमजोरी या पेट दर्द जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से संपर्क करें।









