Newz Gossip
No Result
View All Result
Monday, September 14, 2026
  • Login
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
Newz Gossip
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
No Result
View All Result
Newz Gossip
No Result
View All Result
Home Khabrein Jara Hat Ke

Jain Muni: जैन मुनि कपड़े क्यों नहीं पहनते? सिर्फ वैराग्य नहीं, ये हैं 5 बड़े कारण

by newzgossip
4 minutes ago
in Khabrein Jara Hat Ke
0
Jain Muni: जैन मुनि कपड़े क्यों नहीं पहनते? सिर्फ वैराग्य नहीं, ये हैं 5 बड़े कारण
152
SHARES
1.9k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

RelatedPosts

हनुमान जी से लेकर अश्वत्थामा तक, क्या आज भी धरती पर मौजूद हैं ये 7 चिरंजीवी?

उच्ची पिल्लयार मंदिर: 437 सीढ़ियां चढ़ने के बाद होते हैं गणेश जी के दर्शन, पहाड़ी की चोटी पर विराजमान हैं उच्ची पिल्लयार

Footwear Tips: गलत साइज के जूते बढ़ा सकते हैं पैरों का दर्द, खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

जैन धर्म अपनी अहिंसा, तपस्या, संयम और अपरिग्रह की परंपरा के लिए जाना जाता है। जैन धर्म में मुनियों की जीवनशैली सामान्य गृहस्थ जीवन से बिल्कुल अलग होती है। खासकर दिगंबर जैन मुनियों को आपने अक्सर बिना वस्त्र के देखा होगा। इसे देखकर कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर जैन मुनि कपड़े क्यों नहीं पहनते? क्या यह सिर्फ एक धार्मिक परंपरा है या इसके पीछे कोई गहरा आध्यात्मिक दर्शन भी है?

दरअसल, दिगंबर परंपरा में वस्त्रों का त्याग पूर्ण अपरिग्रह और सांसारिक वस्तुओं से मोह छोड़ने की साधना का हिस्सा माना जाता है। इसे केवल कपड़े न पहनने की परंपरा के रूप में समझना सही नहीं होगा। इसके पीछे त्याग, आत्मसंयम और देह के प्रति आसक्ति कम करने की गहरी अवधारणा जुड़ी है।

आइए जानते हैं इससे जुड़े 5 प्रमुख कारण।

1. दिशाओं को ही माना जाता है वस्त्र

‘दिगंबर’ शब्द संस्कृत के दो शब्दों ‘दिक्’ यानी दिशा और ‘अंबर’ यानी वस्त्र से बना माना जाता है। इसका भावार्थ है—दिशाओं को ही वस्त्र मानने वाला। दिगंबर मुनि सांसारिक वस्तुओं का त्याग करके अत्यंत सरल जीवन जीते हैं। वस्त्रों का त्याग इसी पूर्ण त्याग की भावना से जुड़ा हुआ है। उनके लिए शरीर को सजाना या ढकने के लिए किसी भौतिक वस्तु पर निर्भर रहना साधना का उद्देश्य नहीं है।

2. अपरिग्रह यानी किसी वस्तु का संग्रह नहीं

जैन दर्शन में अपरिग्रह का विशेष महत्व है। इसका अर्थ है जरूरत से अधिक वस्तुओं का संग्रह और उनके प्रति आसक्ति छोड़ना। दिगंबर मुनि अपनी साधना में सांसारिक वस्तुओं का अधिकतम त्याग करते हैं। वस्त्र भी एक भौतिक वस्तु हैं। इसलिए वस्त्रों का त्याग उनके लिए केवल पहनावे का निर्णय नहीं, बल्कि वस्तुओं के प्रति मोह और स्वामित्व की भावना छोड़ने की साधना है। यह जीवनशैली मुनि को बाहरी वस्तुओं के बजाय आत्मा और आध्यात्मिक साधना पर केंद्रित रहने का संदेश देती है।

3. अहिंसा और संयम का गहरा संबंध

जैन धर्म में अहिंसा सर्वोच्च सिद्धांतों में से एक है। जैन साधु-साध्वियां अपने जीवन में किसी भी जीव को नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए अत्यंत सावधानी बरतते हैं। वस्त्रों के निर्माण, उपयोग, धुलाई और रखरखाव से जुड़े जीवों की हिंसा के प्रश्न भी जैन दर्शन में महत्वपूर्ण रहे हैं। हालांकि, यह कहना कि जैन मुनि केवल कपड़ों में सूक्ष्म जीव पैदा होने के डर से वस्त्र नहीं पहनते, पूरी तस्वीर नहीं है। दिगंबर परंपरा में वस्त्र-त्याग का प्रमुख संबंध अपरिग्रह, पूर्ण त्याग और देह से आसक्ति कम करने से है।

4. शरीर और परिस्थितियों पर संयम

दिगंबर मुनियों का जीवन कठोर तप और संयम से जुड़ा होता है। गर्मी, सर्दी, भूख, प्यास और दूसरी शारीरिक असुविधाओं को सहन करना उनकी साधना का हिस्सा हो सकता है। वस्त्रों का त्याग भी इसी व्यापक तपस्या और आत्मसंयम की परंपरा से जुड़ा है। इसका उद्देश्य शरीर को कष्ट देना मात्र नहीं, बल्कि शरीर की जरूरतों और सुख-सुविधाओं के प्रति आसक्ति को कम करना है। जैन दर्शन में आत्मा को शरीर से अलग समझने पर जोर दिया जाता है। इसलिए साधना के माध्यम से मुनि बाहरी परिस्थितियों से ऊपर उठने का प्रयास करते हैं।

5. ‘यथाजात रूप’ और स्वाभाविक अवस्था

दिगंबर जैन परंपरा में नग्नता को यथाजात रूप से भी जोड़ा जाता है। इसका भाव यह है कि व्यक्ति बाहरी आडंबर और सांसारिक पहचान से मुक्त होकर अपनी स्वाभाविक अवस्था में रहे। वस्त्रों का त्याग यहां किसी प्रदर्शन का विषय नहीं होता, बल्कि साधु के लिए पूर्ण त्याग और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है। इसका संबंध लोक-लाज, शरीर के प्रति आसक्ति और भौतिक वस्तुओं के मोह से ऊपर उठने की साधना से है।

क्या सभी जैन साधु बिना कपड़ों के रहते हैं?

नहीं। यहां दिगंबर और श्वेतांबर परंपराओं के बीच अंतर समझना जरूरी है। दिगंबर परंपरा में मुनियों के लिए वस्त्र-त्याग को साधना और पूर्ण अपरिग्रह का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। वहीं श्वेतांबर परंपरा के साधु-साध्वियां सफेद वस्त्र धारण करते हैं। इसलिए जैन धर्म के सभी साधु बिना वस्त्र के रहते हैं, ऐसा कहना सही नहीं होगा।

सिर्फ परंपरा नहीं, त्याग और आत्मसंयम की साधना

दिगंबर जैन मुनियों का वस्त्र-त्याग केवल बाहरी रूप या परंपरा नहीं है। इसके पीछे अपरिग्रह, वैराग्य, आत्मसंयम और शरीर के प्रति आसक्ति कम करने जैसी गहरी धार्मिक अवधारणाएं जुड़ी हैं। जैन दर्शन का मूल संदेश यही है कि मनुष्य जितना अधिक बाहरी वस्तुओं और इच्छाओं के मोह से मुक्त होता है, उतना ही वह आत्मिक उन्नति की ओर बढ़ता है। दिगंबर मुनियों का जीवन इसी कठोर त्याग और साधना का एक उदाहरण माना जाता है।

Tags: AhimsaAparigrahaDigambar JainDigambar Jain MuniDigambar TraditionJain DharmaJain MonkJain MuniJain Muni ClothesJain Muni LifeJain PhilosophyJain ReligionJain Religious FactsJain SadhuJain SadhviJainismkhabrein jara hat keजैन धर्मजैन धर्म की मान्यताएंजैन धर्म के तथ्यजैन मुनिजैन मुनि कपड़े क्यों नहीं पहनतेदिगंबर जैन
SendShare61Tweet38
newzgossip

newzgossip

ABOUT US भारत की बड़ी डिजिटल वेबसाइट्स में से एक “NEWZGOSSIP” किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों को अपने पोर्टल www.newzgossip.com पर साझा नहीं करती है. Newzgossip पर कई तरह के विशेष प्रकाशित किए जाते हैं. देश (Country), दुनिया (World), समसामयिक मुद्दे (Current issue) लाइफस्टाइल (Lifestyle), धर्म (Religion), स्वास्थ्य (Health) और खबरें जरा हट के (Khabrein Jara Hat Ke) जैसे विशेषों पर लेख लिखा जाते हैं. हमारा लक्ष्य आप तक सिर्फ और सिर्फ सटीक खबरें पहुंचाने का है. हमारे साथ बने रहने के लिए आप हमें  [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप हमारे फेसबुक पेज https://www.facebook.com/NewznGossip और https://www.facebook.com/IndiaNowR  पर भी जुड़ सकते हैं.

Related Posts

हनुमान जी से लेकर अश्वत्थामा तक, क्या आज भी धरती पर मौजूद हैं ये 7 चिरंजीवी?
Khabrein Jara Hat Ke

हनुमान जी से लेकर अश्वत्थामा तक, क्या आज भी धरती पर मौजूद हैं ये 7 चिरंजीवी?

10 minutes ago
उच्ची पिल्लयार मंदिर: 437 सीढ़ियां चढ़ने के बाद होते हैं गणेश जी के दर्शन, पहाड़ी की चोटी पर विराजमान हैं उच्ची पिल्लयार
Khabrein Jara Hat Ke

उच्ची पिल्लयार मंदिर: 437 सीढ़ियां चढ़ने के बाद होते हैं गणेश जी के दर्शन, पहाड़ी की चोटी पर विराजमान हैं उच्ची पिल्लयार

33 minutes ago
Footwear Tips: गलत साइज के जूते बढ़ा सकते हैं पैरों का दर्द, खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
Khabrein Jara Hat Ke

Footwear Tips: गलत साइज के जूते बढ़ा सकते हैं पैरों का दर्द, खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

42 minutes ago
शरीर, सांस और मन के बीच संतुलन स्थापित करने की पद्धति है योग
Khabrein Jara Hat Ke

शरीर, सांस और मन के बीच संतुलन स्थापित करने की पद्धति है योग

47 minutes ago
अर्द्धहलासन क्या है? जानें करने का सही तरीका और इसके फायदे
Khabrein Jara Hat Ke

अर्द्धहलासन क्या है? जानें करने का सही तरीका और इसके फायदे

1 day ago
पौधों में ज्यादा पत्तियां निकलना स्वस्थ होने की गारंटी नहीं, जानें असली संकेत
Khabrein Jara Hat Ke

पौधों में ज्यादा पत्तियां निकलना स्वस्थ होने की गारंटी नहीं, जानें असली संकेत

1 day ago
बच्चों की डाइट में शामिल करें दालचीनी, सेहत को मिल सकते हैं ये फायदे
Khabrein Jara Hat Ke

बच्चों की डाइट में शामिल करें दालचीनी, सेहत को मिल सकते हैं ये फायदे

1 day ago
किशोर होते बच्चों को सही और गलत की पहचान करायें
Khabrein Jara Hat Ke

किशोर होते बच्चों को सही और गलत की पहचान करायें

1 day ago
अंग्रेज इंजीनियर को आया था सपना, एक्सप्रेसवे बनने से पहले बना था मंदिर! जानिए उत्तराखंड के डाट काली मंदिर की कहानी
Khabrein Jara Hat Ke

अंग्रेज इंजीनियर को आया था सपना, एक्सप्रेसवे बनने से पहले बना था मंदिर! जानिए उत्तराखंड के डाट काली मंदिर की कहानी

2 days ago

Categories

  • ASTROLOGY
  • BREAKING
  • Breaking News
  • CRIME
  • DELHI
  • Haryana
  • HEALTH
  • Khabrein Jara Hat Ke
  • LIFE STYLE
  • STATE
  • TECHNOLOGY
  • UTTAR PRADESH
  • अन्य
  • करियर
  • कहानियां/Stories
  • खेल
  • दिल की बात
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विदेश
  • शिक्षा

Site Navigation

  • Home
  • About Us
  • Advertisement
  • Contact Us
  • Privacy & Policy
  • Other Links
  • Disclaimer

© 2022 Newz Gossip

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories

© 2022 Newz Gossip

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In