Newz Gossip
No Result
View All Result
Monday, March 23, 2026
  • Login
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
Newz Gossip
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories
No Result
View All Result
Newz Gossip
No Result
View All Result
Home Khabrein Jara Hat Ke

धरती पर पानी कैसे आया…इसकी जानकारी में वैज्ञानिक एक कदम बढ़े

by newzgossip
3 years ago
in Khabrein Jara Hat Ke
0
धरती पर पानी कैसे आया…इसकी जानकारी में वैज्ञानिक एक कदम बढ़े
153
SHARES
1.9k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on Twitter

RelatedPosts

कहां हैं डिएगो गार्सिया द्वीप जिस पर हमला कर ईरान ने अमेरिका की कमजोर नस पर किया प्रहार

पत्नी ने पति की प्रेमिका को दिया साथ रहने देने का अनोखा प्रस्ताव

बिना दवा के भी ले सकते हैं गहरी और सुकून भरी नींद

वॉशिंगटन: वैज्ञानिकों के सामने हमारी पृथ्वी पर पानी की मौजूदगी का सवाल काफी लंबे समय से है। पृथ्वी की सतह पर 71 फीसदी हिस्सा पानी से ढका होने के बावजूद इसकी उत्पत्ति एक रहस्य का विषय है। पिछले कुछ वर्षों में वैज्ञानिक सिद्धांतों के मुताबिक पानी एस्टेरॉयड से आया है या फिर पृथ्वी ने अपना पानी खुद बनाया है। अब शोधकर्ताओं ने इस रहस्य के खुलासे में एक और कदम बढ़ाया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पृथ्वी का निर्माण शुरुआत में सूखी और चट्टानी सामग्रियों से हुआ था, जो दिखाता है कि ग्रह पर पानी बाद में आया होगा।

शोधकर्ताओं का प्रस्ताव है कि पृथ्वी के निर्माण के अंतिम 15 फीसदी के दौरान ही इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी और जीवन के लिए आवश्यक पदार्थ शामिल हो गए थे। अनुमान के मुताबिक पृथ्वी 4.5 अरब वर्ष पुरानी है और वैज्ञानिक अभी भी यह जानने में लगे हैं कि आखिर इसका निर्माण कैसे हुआ। इस प्रक्रिया का अध्ययन का एक तरीका पृथ्वी के आंतरिक भाग में गर्म मैग्मा की जांच करना है। हालांकि हम सीधे तौर पर पृथ्वी की गहराई तक नहीं पहुंच सकते बल्कि मैग्मा लावा के रूप में सतह तक आता है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि मैग्मा पृथ्वी की अलग-अलग गहराई में होते हैं। जैसे ऊपरी मेंटल 15 किमी गहराई से शुरू होता है और लगभग 680 किमी तक फैला होता है। निचला मेंटल 680 किमी से 2900 किमी कोर मेंटल की सीमा तक फैला होता है। विभिन्न गहराई से मैग्मा का अध्ययन करके वैज्ञानिक पृथ्वी की परतों और संरचना और हर परत में मौजूद रसायनों के बारे में जानकारी पा सकते हैं। पृथ्वी का निर्माण तुरंत नहीं हुआ बल्कि समय के साथ अलग-अलग सामग्रियों के आपस में मिलने से इसका विकास हुआ। इसका अर्थ है कि निचला मेंटल और ऊपरी मेंटल पृथ्वी के निर्माण से जुड़ी जानकारी दे सकते हैं।

अपने हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने ग्रह की गहराई में पानी सहित अस्थिर रसायनों की कमी का पता लगाया है। शोधकर्ता इसी कारण मानते हैं कि हमारा ग्रह जब एक सख्त चट्टान बना तब यह पूरी तरह सूखा था। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इसके जरिए वह पृथ्वी समेत सौर मंडल के अन्य चट्टानी ग्रहों के निर्माण का पता लगा सकते हैं।

Tags: EarthJara Hat kekhabrein jara hat keTrending NewsViral Newswaterwater come on the earth
SendShare61Tweet38
newzgossip

newzgossip

ABOUT US भारत की बड़ी डिजिटल वेबसाइट्स में से एक “NEWZGOSSIP” किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबरों को अपने पोर्टल www.newzgossip.com पर साझा नहीं करती है. Newzgossip पर कई तरह के विशेष प्रकाशित किए जाते हैं. देश (Country), दुनिया (World), समसामयिक मुद्दे (Current issue) लाइफस्टाइल (Lifestyle), धर्म (Religion), स्वास्थ्य (Health) और खबरें जरा हट के (Khabrein Jara Hat Ke) जैसे विशेषों पर लेख लिखा जाते हैं. हमारा लक्ष्य आप तक सिर्फ और सिर्फ सटीक खबरें पहुंचाने का है. हमारे साथ बने रहने के लिए आप हमें  [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप हमारे फेसबुक पेज https://www.facebook.com/NewznGossip और https://www.facebook.com/IndiaNowR  पर भी जुड़ सकते हैं.

Related Posts

कहां हैं डिएगो गार्सिया द्वीप जिस पर हमला कर ईरान ने अमेरिका की कमजोर नस पर किया प्रहार
Khabrein Jara Hat Ke

कहां हैं डिएगो गार्सिया द्वीप जिस पर हमला कर ईरान ने अमेरिका की कमजोर नस पर किया प्रहार

4 hours ago
पत्नी ने पति की प्रेमिका को दिया साथ रहने देने का अनोखा प्रस्ताव
Khabrein Jara Hat Ke

पत्नी ने पति की प्रेमिका को दिया साथ रहने देने का अनोखा प्रस्ताव

5 hours ago
बिना दवा के भी ले सकते हैं गहरी और सुकून भरी नींद
Khabrein Jara Hat Ke

बिना दवा के भी ले सकते हैं गहरी और सुकून भरी नींद

5 hours ago
हिमालय की तेज गति से पिघल रही बर्फ ने बढ़ाई चिंता, गंगा-ब्रह्मपुत्र नदियों पर मंडराया संकट
Khabrein Jara Hat Ke

हिमालय की तेज गति से पिघल रही बर्फ ने बढ़ाई चिंता, गंगा-ब्रह्मपुत्र नदियों पर मंडराया संकट

5 hours ago
बच्चों को सुंदर लेखन के लिए प्रेरित करें
Khabrein Jara Hat Ke

बच्चों को सुंदर लेखन के लिए प्रेरित करें

1 day ago
फेफड़ों और पेड़ों की शाखाओं में छिपा है प्रकृति का अद्भुत गणित
Khabrein Jara Hat Ke

फेफड़ों और पेड़ों की शाखाओं में छिपा है प्रकृति का अद्भुत गणित

1 day ago
“दुखड़ा सुनना और रोना भी रोज़गार”, पैसे लेकर रोने-धोने का नया प्रोफेशन
Khabrein Jara Hat Ke

“दुखड़ा सुनना और रोना भी रोज़गार”, पैसे लेकर रोने-धोने का नया प्रोफेशन

1 day ago
समय के साथ ही दुनिया में खत्म होता जा रहा ‘ट्रॉफी वाइफ’ का चलन
Khabrein Jara Hat Ke

समय के साथ ही दुनिया में खत्म होता जा रहा ‘ट्रॉफी वाइफ’ का चलन

1 day ago
खर्राटों को सामान्य समस्या समझकर ना करें नजरअंदाज
Khabrein Jara Hat Ke

खर्राटों को सामान्य समस्या समझकर ना करें नजरअंदाज

1 day ago

Categories

  • ASTROLOGY
  • BREAKING
  • Breaking News
  • CRIME
  • DELHI
  • Haryana
  • HEALTH
  • Khabrein Jara Hat Ke
  • LIFE STYLE
  • STATE
  • TECHNOLOGY
  • UTTAR PRADESH
  • अन्य
  • करियर
  • कहानियां/Stories
  • खेल
  • दिल की बात
  • धर्म
  • बिजनेस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विदेश
  • शिक्षा

Site Navigation

  • Home
  • About Us
  • Advertisement
  • Contact Us
  • Privacy & Policy
  • Other Links
  • Disclaimer

© 2022 Newz Gossip

No Result
View All Result
  • Home
  • भारत
  • विदेश
  • ब्रेकिंग
  • एस्ट्रोलॉजी
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • दिल की बात
  • अन्य
    • अपराध
    • हेल्थ
    • लाइफ स्टाइल
    • करियर
    • धर्म
    • शिक्षा
  • Web Stories

© 2022 Newz Gossip

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In