सुबह बिस्तर से उठते समय अगर कमर सीधी करने में परेशानी हो या झुकने पर खिंचाव महसूस हो, तो इसे हमेशा सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कमर में अकड़न एक आम समस्या है, जो लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने, गलत पोश्चर, कम शारीरिक गतिविधि, अधिक मेहनत या सोने की स्थिति जैसी वजहों से हो सकती है।
आजकल दफ्तर में लगातार कई घंटे कुर्सी पर बैठना और घर पर लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करना आम हो गया है। लंबे समय तक शरीर को एक ही स्थिति में रखने से कमर और कूल्हों के आसपास की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है और अकड़न या असहजता महसूस हो सकती है।
गलत तरीके से बैठना भी हो सकता है कारण
कुर्सी पर बैठते समय लगातार आगे की ओर झुकना, कमर को पर्याप्त सहारा न देना या मोबाइल को नीचे रखकर लंबे समय तक देखना शरीर की मुद्रा को प्रभावित कर सकता है। इसी तरह, लंबे समय तक खड़े रहने या अचानक भारी सामान उठाने से भी कमर की मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है।
इसलिए काम के दौरान बैठने की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर कुछ कदम चलना और शरीर की स्थिति बदलना उपयोगी हो सकता है।
सोने की स्थिति पर भी दें ध्यान
रात में लंबे समय तक शरीर एक ही स्थिति में रहने के कारण भी सुबह कमर में जकड़न महसूस हो सकती है। यदि सोने की स्थिति ऐसी हो जिसमें कमर या आसपास की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़े, तो उठने के बाद असहजता हो सकती है।
हालांकि, हर व्यक्ति के लिए एक ही सोने की स्थिति उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए ऐसी स्थिति चुनना बेहतर है जिसमें शरीर को आराम मिले और कमर पर अनावश्यक दबाव महसूस न हो।
कम चलना-फिरना भी बढ़ा सकता है परेशानी
शारीरिक गतिविधि कम होने पर मांसपेशियों की ताकत और शरीर का लचीलापन प्रभावित हो सकता है। खासकर ऐसे लोगों को जो दिन का ज्यादातर समय कुर्सी पर बिताते हैं, अपनी दिनचर्या में नियमित हल्की गतिविधि शामिल करनी चाहिए।
रोजाना टहलना, हल्की कसरत और शरीर की क्षमता के अनुसार मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम कमर को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं।
अकड़न होने पर क्या करें?
अगर कमर में सामान्य स्तर की अकड़न या मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो रहा है, तो कुछ लोगों को हल्की गर्म सिकाई से आराम मिल सकता है। पूरी तरह बिस्तर पर पड़े रहने के बजाय, अपनी क्षमता के अनुसार हल्का चलना-फिरना जारी रखना भी बेहतर हो सकता है।
हल्के स्ट्रेचिंग व्यायाम भी मदद कर सकते हैं, लेकिन जिस गतिविधि से दर्द बढ़े, उसे जबरदस्ती नहीं करना चाहिए।
कमर की अकड़न से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें
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लंबे समय तक लगातार एक ही जगह न बैठें।
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बीच-बीच में उठकर कुछ कदम चलें।
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बैठते समय कमर को उचित सहारा दें।
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मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करते समय शरीर की मुद्रा पर ध्यान दें।
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रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार टहलें या हल्की कसरत करें।
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अचानक भारी वजन उठाने से बचें।
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शरीर की क्षमता के अनुसार स्ट्रेचिंग और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें।
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दर्द बढ़ने पर व्यायाम या स्ट्रेचिंग को जबरदस्ती जारी न रखें।









